हरियाणा के 7 जिलों में आज बारिश के आसार, 3 जिलों में 2 इंच से ज्यादा बरसा पानी
यमुनानगर, गुरुग्राम और पंचकूला में भारी बारिश से जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित; 8 सितंबर के बाद कमजोर पड़ सकता है मानसून, किसानों को बारिश रुकने तक सिंचाई और स्प्रे से बचने की सलाह

हरियाणा में मानसून की सक्रियता के चलते पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है और आज भी सात जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में सबसे अधिक 57.5 मिलीमीटर, गुरुग्राम में 51.5 मिलीमीटर और पंचकूला में 50.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, यानी इन तीनों स्थानों पर दो इंच से अधिक पानी बरसा। लगातार हुई बारिश के कारण यमुनानगर, गुरुग्राम और पंचकूला के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई, जबकि गुरुग्राम में नेशनल हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिली। मौसम विभाग ने आज यमुनानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। वहीं कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। हिसार समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह के समय बादल छाए रहे, लेकिन पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा के कुछ जिलों में बारिश की गतिविधि सीमित रहने की संभावना है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार प्रदेश में फिलहाल बादलवाही के साथ उत्तरी और दक्षिणी जिलों में तेज हवाओं के बीच बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम की इस गतिविधि के कारण दिन के तापमान में मामूली गिरावट और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 8 सितंबर के बाद मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ सकती है। किसानों के लिए भी मौसम को देखते हुए विशेष सलाह जारी की गई है। बारिश का दौर पूरी तरह थमने तक खेतों में सिंचाई करने और फसलों पर कीटनाशक या अन्य कृषि रसायनों का छिड़काव करने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि बारिश के कारण दवाओं का प्रभाव कम हो सकता है और अतिरिक्त पानी से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। जिन खेतों में पानी जमा हो रहा है, वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि फसलों की जड़ों में लंबे समय तक पानी जमा न रहे। बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिला है। शनिवार को हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह सामान्य से करीब 1.7 डिग्री कम रहा। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान सिरसा में 35.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश और बादलवाही के कारण गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 27 डिग्री, नूंह में 27.4 डिग्री, रेवाड़ी में 26.5 डिग्री और फरीदाबाद में 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अंबाला में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री, हिसार में 34.3 डिग्री और करनाल में 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात के तापमान में भी हल्का बदलाव दर्ज हुआ है। प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में करीब 0.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, हालांकि यह सामान्य के आसपास बना हुआ है। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान पंचकूला में 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा नारनौल में 24 डिग्री, महेंद्रगढ़ और बावल में 24.9 डिग्री, अंबाला में 25.1 डिग्री, गुरुग्राम में 25.2 डिग्री, करनाल में 25.3 डिग्री, रोहतक में 25.8 डिग्री, हिसार में 26 डिग्री, भिवानी में 25 डिग्री, सिरसा में 26.2 डिग्री और नूंह में 26.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ होने के बजाय अलग-अलग इलाकों में बारिश और बादलवाही का मिश्रित दौर बना हुआ है। अगले एक-दो दिनों में उत्तरी हरियाणा और दक्षिणी जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जबकि 8 सितंबर के बाद मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है। ऐसे में जलभराव वाले शहरों में प्रशासन के सामने पानी की निकासी और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहेगी, वहीं किसानों के लिए अगले कुछ दिन फसलों में जल निकासी और मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।




