मनाली पहुंचना हुआ आसान, ड्योढ़-हणोगी टनल शुरू; जाम और लैंडस्लाइड से मिलेगी बड़ी राहत
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर 2.8 KM ड्योढ़ और 650 मीटर हणोगी टनल खुलीं; मंडी-कुल्लू सफर में करीब एक घंटे की बचत का दावा

मनाली और कुल्लू जाने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर मंडी और मनाली के बीच पंडोह-टकोली सेक्शन में ड्योढ़ और हणोगी की दो महत्वपूर्ण सुरंगों को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से तैयार की गई 2.8 किलोमीटर लंबी ड्योढ़ टनल और 650 मीटर लंबी हणोगी टनल के शुरू होने से इस मार्ग पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम और लैंडस्लाइड के खतरे से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी सुरंगों में यातायात शुरू होने की जानकारी साझा की है। बताया गया है कि दोनों सुरंगों के खुलने से प्रभावित सड़क का हिस्सा करीब 6 किलोमीटर से घटकर लगभग 3.5 किलोमीटर रह जाएगा। पर्यटन सीजन के दौरान जोगनी माता मंदिर, ड्योढ़ और हणोगी के आसपास अक्सर वाहनों की लंबी कतारें लगती थीं, जबकि हणोगी क्षेत्र में बार-बार होने वाली लैंडस्लाइड के कारण हाईवे कई घंटे तक बाधित हो जाता था। अब सुरंगों के रास्ते यातायात गुजरने से इन संवेदनशील हिस्सों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। परियोजना से मंडी से कुल्लू की यात्रा का समय भी काफी कम होने का दावा किया गया है और पर्यटकों को मनाली पहुंचने में करीब एक घंटे तक की बचत हो सकती है। दोनों सुरंगों को खोतीनाला के पास करीब 140 मीटर लंबे और 45 मीटर ऊंचे पुल से जोड़ा गया है। सुरंगों के भीतर CCTV कैमरे, वेंटिलेशन सिस्टम और आपातकालीन निकास जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। यातायात शुरू करने से पहले सुरक्षा जांच और ट्रायल रन भी किया गया था। यह सुविधा खास तौर पर पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से मनाली, अटल टनल, रोहतांग, मणिकर्ण, शिंकुला दर्रा और लाहौल-स्पीति की ओर जाने वाले पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब 18.9 किलोमीटर लंबे पंडोह बाईपास-टकोली फोरलेन सेक्शन पर लगभग 4,465.94 करोड़ रुपये की लागत से काम किया जा रहा है। ड्योढ़ और हणोगी टनल के शुरू होने से इस महत्वपूर्ण पर्यटन मार्ग पर सफर पहले के मुकाबले अधिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है।



