राजस्थान फिल्म फेस्टिवल-2026 में अवॉर्ड की दौड़ में जिमी शेरगिल और राज कुंद्रा
26 सितंबर को जयपुर में होगा समारोह; अभिनय, निर्देशन, संगीत, गायन और तकनीकी क्षेत्रों समेत 30 श्रेणियों में दिए जाएंगे अवॉर्ड

जयपुर। राजस्थान फिल्म फेस्टिवल (RFF) 2026 में इस बार देशभर के क्षेत्रीय सिनेमा के साथ राजस्थानी फिल्मों और कलाकारों की भी मजबूत मौजूदगी देखने को मिलेगी। फेस्टिवल में अभिनय, निर्देशन, लेखन, छायांकन, संगीत, गायन और सर्वश्रेष्ठ फिल्म सहित 30 श्रेणियों में अवॉर्ड दिए जाएंगे।
राजस्थानी सिनेमा की फिल्मों को इस वर्ष विभिन्न श्रेणियों में 10 नामांकन मिले हैं, जबकि अन्य क्षेत्रीय सिनेमा की श्रेणी में 20 नामांकन किए गए हैं। अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों की फिल्मों के कलाकारों एवं फिल्मकारों के बीच अवॉर्ड के लिए मुकाबला होगा।
राजस्थान फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 26 सितंबर को जयपुर के मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में शाम 7 बजे से किया जाएगा। समारोह में क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े कलाकारों, निर्देशकों, संगीतकारों, गायकों और फिल्मकारों को सम्मानित किया जाएगा।
जिमी शेरगिल और राज कुंद्रा के नामांकन ने बढ़ाई चर्चा
इस बार फेस्टिवल के नामांकनों में कई चर्चित नाम शामिल हैं। पंजाबी सिनेमा के लिए जिमी शेरगिल और राज कुंद्रा को नामांकन मिला है। इनके अलावा आशीष शर्मा, गीता बसरा और सिंगर शान जैसे नाम भी अवॉर्ड की दौड़ में हैं।
RFF की फाउंडर-डायरेक्टर संजना शर्मा के अनुसार, इस वर्ष क्षेत्रीय सिनेमा के नामांकनों में अनुभवी कलाकारों के साथ नई प्रतिभाओं को भी जगह दी गई है।
अन्य क्षेत्रीय सिनेमा में 20 नामांकन
अन्य क्षेत्रीय सिनेमा की श्रेणी में कुल 20 नामांकन मिले हैं। इसमें अलग-अलग राज्यों और भाषाई क्षेत्रों की फिल्मों को शामिल किया गया है।
नामांकन सूची में इंद्रा, मां जाये, आशा, थलावरा, धीरम, करपूर, बेहद्द, डियर राधी, सकल तार होऊ द्या, करक्कम, बारा बधु और कुर्ला टू वेंगुर्ला सहित कई फिल्मों ने जगह बनाई है।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की दौड़ में कई चर्चित चेहरे
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में जिमी शेरगिल और राज कुंद्रा के साथ वसंत रवि, अरुण अशोकन और आशीष शर्मा जैसे कलाकारों को नामांकन मिला है।
वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की श्रेणी में मेहरीन पीरजादा, रितुपर्णा सेनगुप्ता और रेवती शर्मा जैसे नाम शामिल हैं।
राजस्थानी फिल्मों को 10 नामांकन
राजस्थानी सिनेमा की श्रेणी में भी इस बार कई फिल्मों को अलग-अलग कैटेगरी में नामांकन मिला है। देशी मुक्का, ओमलो, चक्का जाम, कायांतर, खेजड़ी, आटा 2 और सांवरी जैसी फिल्मों को विभिन्न श्रेणियों में जगह मिली है।
इससे राजस्थानी सिनेमा के कलाकारों और तकनीकी टीमों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
निर्देशन और तकनीकी श्रेणियों में भी मुकाबला
फेस्टिवल की प्रोग्रामिंग टीम के अनुसार, इस बार केवल अभिनय पर ही फोकस नहीं किया गया है। निर्देशन और तकनीकी प्रतिभाओं को भी प्रमुखता दी गई है।
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और अन्य तकनीकी श्रेणियों में अरिंदम सिल, दीपक पाटिल, अखिल अनिलकुमार, जितिन सुरेश टी. और रोहित द्विवेदी जैसे नामांकित निर्देशक शामिल हैं।
छायांकन की श्रेणी में अनिरबन, फैजल अहमद, वीरधवल पुराणिक और प्रकाश कुट्टी सहित कई प्रतिभाशाली छायाकारों को नामांकन मिला है।
संगीत और गायन में बाड़मेर के कलाकारों की मौजूदगी
राजस्थानी सिनेमा की संगीत और गायन श्रेणियों में भी स्थानीय कलाकारों की मजबूत मौजूदगी है। मोती खान, खेता खान, छोटू खान और गाजी खान जैसे कलाकारों को नामांकन मिला है।
इस बार राजस्थानी फिल्मों के संगीत में बाड़मेर के लोकगायकों की प्रतिभा भी विशेष रूप से सामने आई है। स्थानीय लोकगायकों की आवाज और पारंपरिक गायकी राजस्थानी फिल्मों के संगीत को अलग पहचान दे रही है।
शान और गीता बसरा भी नामांकन में
सिंगर शान को सर्वश्रेष्ठ गायक की श्रेणी में नामांकन मिला है। वहीं अभिनेत्री और मॉडल गीता बसरा भी इस बार अवॉर्ड की दौड़ में शामिल हैं।
इसके अलावा एक्टर-प्रोड्यूसर राज कुंद्रा को भी नामांकन सूची में जगह मिली है।
क्षेत्रीय सिनेमा को मिलेगा बड़ा मंच
RFF की फाउंडर-डायरेक्टर संजना शर्मा ने कहा कि राजस्थान फिल्म फेस्टिवल का उद्देश्य क्षेत्रीय फिल्मों, कलाकारों और फिल्मकारों को व्यापक मंच उपलब्ध कराना है।
फेस्टिवल के जरिए देश की अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और क्षेत्रों की सिनेमाई कहानियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस वर्ष राजस्थानी सिनेमा के साथ विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों की मौजूदगी फेस्टिवल को और खास बना रही है।




