17 सितंबर को 25 लाख दीपों से जगमगाएगा उज्जैन, रामघाट से महाकाल लोक तक होगा भव्य दीपोत्सव
‘सेवा से संकल्प’ अभियान के तहत होगा आयोजन; रामघाट, दत्त अखाड़ा और महाकाल लोक में 16x16 के ब्लॉक बनाकर जलाए जाएंगे दीप, घर-दुकानों को भी रोशन करने की अपील

उज्जैन। मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से ‘सेवा से संकल्प’ अभियान की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत उज्जैन में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। शाम के समय शहर में करीब 25 लाख दीप जलाने की योजना बनाई गई है। रामघाट, दत्त अखाड़ा और महाकाल लोक सहित शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही लोगों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों को भी दीपों से रोशन करने की अपील की जाएगी।
आयोजन की तैयारियों को लेकर शनिवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में बैठक हुई। इसमें सामाजिक संगठनों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। कई संगठनों ने दीप प्रज्वलन और आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
25 लाख दीप जलाने की तैयारी
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि 17 सितंबर को महाकाल लोक, रामघाट और अन्य घाटों पर बड़े पैमाने पर दीप जलाए जाएंगे। प्रशासन करीब 25 लाख दीप प्रज्वलित करने की तैयारी कर रहा है।
उज्जैन में इससे पहले 11 लाख दीप जलाने का रिकॉर्ड बन चुका है। इस बार उससे कहीं बड़े स्तर पर आयोजन प्रस्तावित है। व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए घाटों और आयोजन स्थल को ब्लॉक व सेक्टर में बांटकर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
सामाजिक संस्थाओं और सिविल सोसायटी से जुड़े संगठनों को अलग-अलग सेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि दीप रखने से लेकर उन्हें एक साथ प्रज्वलित कराने तक की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।
16×16 के ब्लॉक में रखे जाएंगे दीप
सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने बताया कि घाटों की सफाई के बाद वहां 16×16 के ब्लॉक तैयार किए जाएंगे। इन्हीं ब्लॉकों में निर्धारित पैटर्न के अनुसार दीप रखे जाएंगे।
आयोजन के दौरान बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्लान-बी भी तैयार किया जाएगा, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में व्यवस्थाओं को संभाला जा सके।
दीप, तेल और बत्ती की व्यवस्था शुरू
25 लाख दीपों के लिए दीप, तेल और बत्ती की व्यवस्था की जा रही है। इन सामग्रियों को अलग-अलग स्थानों से आयोजन स्थलों तक पहुंचाने के लिए भी योजना तैयार की जा रही है।
प्रशासन की कोशिश है कि सभी दीपों को निर्धारित समय पर एक साथ जलाया जाए। इसके लिए सेक्टरवार टीमें बनाई जाएंगी और दीप प्रज्वलन की पूरी प्रक्रिया को समन्वित तरीके से पूरा किया जाएगा।
रामघाट के पत्थरों पर लगाए जा रहे निशान
रामघाट पर दीपोत्सव की तैयारियां दिखाई देने लगी हैं। यहां घाट के पत्थरों पर निशान लगाए जा रहे हैं। इन्हीं निशानों के आधार पर दीपों को निर्धारित स्थान पर रखा जाएगा।
ब्लॉक और सेक्टर के हिसाब से की जा रही यह मार्किंग दीपों को व्यवस्थित तरीके से लगाने और एक साथ जलाने में मदद करेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि 17 सितंबर की शाम उज्जैन का रामघाट और महाकाल लोक समेत प्रमुख क्षेत्र लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठें।
बैठक में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
स्मार्ट सिटी कार्यालय में हुई बैठक में महापौर मुकेश टटवाल, गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, नगर निगम जोन अध्यक्ष सुरेंद्र मेहर, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती और स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के बीच समन्वय पर जोर दिया गया।




