सेना की रिपोर्ट: LAC पर चीन ने घटाई सैनिकों की संख्या, LoC पर सीजफायर उल्लंघन 2 से बढ़कर 163; जम्मू-कश्मीर में 12 पाकिस्तानी आतंकी ढेर
सेना की 2025-26 सालाना रिपोर्ट में LAC से लेकर जम्मू-कश्मीर तक सुरक्षा स्थिति का आकलन; 2025 में 6 घुसपैठ की कोशिशें नाकाम, 12 पाकिस्तानी आतंकी मारे गए

भारतीय सेना ने 2025-26 की अपनी सालाना रिपोर्ट में LAC और जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को लेकर अहम जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर अपनी सैनिक संख्या घटाई है। फिलहाल LAC और चीन के मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर में करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के बराबर सैन्य टुकड़ियां तैनात हैं।
एक कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में करीब 3 हजार सैनिक होते हैं। इनमें पैदल सेना के साथ टैंक, तोपखाना और एयर डिफेंस जैसी अलग-अलग सैन्य क्षमताएं शामिल होती हैं। सेना ने कहा कि LAC के सभी सेक्टरों में भारतीय सेना की तैनाती मजबूत है और वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में भी सुधार का दावा किया गया है। 2025 में पत्थरबाजी की एक भी घटना नहीं हुई, हालांकि LoC पर सीजफायर उल्लंघन के मामले बढ़े। 2024 में जहां 2 सीजफायर उल्लंघन हुए थे, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 163 हो गई। इस दौरान 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया।
भारत-चीन के बीच सैन्य बातचीत फिर शुरू हुई
सेना की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर की बातचीत फिर शुरू हुई। मार्च और जुलाई में वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की 33वीं और 34वीं बैठक हुई।
सीमा विवाद को सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में हुई। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन गए और तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।
इसके बाद 25-26 अक्टूबर को पूर्वी लद्दाख में 23वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच बॉर्डर पर्सनल मीटिंग भी जारी रहीं। सेना के अनुसार, इन बैठकों का माहौल शांतिपूर्ण रहा और आपसी विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की गई।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना ने अपनी कमियों की समीक्षा की
रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना की एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई करने की क्षमता का प्रदर्शन बताया गया है। सेना ने इसे खुफिया क्षमताओं, आधुनिक तकनीक और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल का उदाहरण बताया।
ऑपरेशन के बाद सेना ने अपनी सैन्य क्षमताओं में मौजूद कमियों की समीक्षा की। इसके तहत बलों के पुनर्गठन, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और नई तकनीक को शामिल करने पर जोर दिया गया।
जम्मू-कश्मीर में हिंसा कम, स्थानीय युवाओं की भर्ती में भी गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में सेना के लगातार प्रयासों से सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में रही। हिंसा और विरोध-प्रदर्शन के स्तर में कमी आई।
सेना के अनुसार, 2025 में सिर्फ एक स्थानीय युवक आतंकी संगठनों में शामिल हुआ। सेना ने इसे पाकिस्तान के उस दावे के विपरीत बताया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद स्थानीय स्तर पर पैदा हो रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर के लोग सरकार और सेना की विकास योजनाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
2025 में घुसपैठ की 6 कोशिशें, 12 पाकिस्तानी आतंकी मारे गए
सेना की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में LoC के रास्ते आतंकियों ने घुसपैठ की 6 कोशिशें कीं। इन कोशिशों के दौरान 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया।
सेना ने बताया कि LoC पर घुसपैठ की कोशिशें पिछले वर्षों के मुकाबले कम हुईं। हालांकि, आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिश की।
इसमें नशीले पदार्थों और युद्ध में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की तस्करी भी शामिल है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद LoC पर हालात स्थिर हुए
सेना के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जम्मू-कश्मीर और LoC पर स्थिति में बड़ा बदलाव आया। इसके बाद 10 और 12 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत हुई।
इन बातचीत के बाद LoC पर स्थिति काफी हद तक स्थिर हुई। हालांकि, सेना ने यह भी कहा कि सीमा पर अनिश्चितता अभी बनी हुई है।
ड्रोन के जरिए हथियार और नशे की तस्करी की कोशिश
रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा बलों ने 2 AK-47 राइफल, 75 पिस्तौल और 281.41 किलो नशीला सामान बरामद किया। सेना का आकलन है कि यह सामान ड्रोन के जरिए सीमा पार से पहुंचाया गया।
सेना के मुताबिक, खासकर पंजाब में ड्रोन का इस्तेमाल केवल हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने तक सीमित नहीं है। इनके जरिए सीमा पर निगरानी और अन्य सुरक्षा गतिविधियां करने की कोशिश भी बढ़ रही है।




