खजराना में 7 करोड़ के आभूषणों से बप्पा का श्रृंगार: बड़ा गणपति में 101 किलो के लड्डुओं का भोग; चिंतामन में उल्टा स्वास्तिक बनाने की परंपरा
खजराना गणेश में 7 करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से विशेष श्रृंगार, सवा लाख मोदक का भोग; बड़ा गणपति में 101 किलो लड्डुओं की तैयारी

इंदौर/उज्जैन। गणेश चतुर्थी के साथ ही मध्यप्रदेश में गणपति उत्सव की शुरुआत हो गई है। इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर और बड़ा गणपति मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, श्रृंगार और भोग की तैयारियां की गई हैं। वहीं उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर में श्रद्धालु अपनी मनोकामना के लिए भगवान की पीठ की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं।
खजराना गणेश का 7 करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में भगवान गणेश का करीब 7 करोड़ रुपए कीमत के स्वर्ण आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया। इससे पहले ब्रह्ममुहूर्त में भगवान को हीरे जड़ित नेत्र धारण कराए गए।
मंदिर में गणेश महोत्सव अगले 10 दिनों तक चलेगा। इस दौरान भगवान का रोजाना आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है।
सवा लाख मोदक का भोग
गणेश चतुर्थी के अवसर पर खजराना गणेश मंदिर में भगवान को सवा लाख मोदक का भोग लगाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण भी शुरू किया गया।
मंदिर में सुबह और शाम विशेष आरती होगी। दोपहर 12 बजे भगवान के जन्म की महाआरती आयोजित की जाएगी।
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मंदिर में ध्वज पूजन भी किया। कलेक्टर ने भगवान गणेश से प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
125 साल पुराना है बड़ा गणपति मंदिर
इंदौर के पश्चिम क्षेत्र में स्थित बड़ा गणपति मंदिर इस वर्ष 125 साल पूरे कर रहा है। यहां भगवान गणेश की करीब 25 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा 4 फीट चौड़े और 16 फीट लंबे चौकोर आसन पर विराजमान है, जिसकी ऊंचाई करीब 5 फीट है।
गणेश चतुर्थी पर भगवान को घर पर बनाए गए शुद्ध गाय के घी के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। लड्डुओं का कुल वजन करीब 101 किलो बताया गया है। इनमें 5 किलो के बड़े लड्डू से लेकर छोटे आकार के लड्डुओं का क्रम रखा जाएगा।
रात 9 बजे होगी संगीतमय आरती
बड़ा गणपति मंदिर में गणेश भगवान की रोजाना रात 9 बजे एक घंटे की संगीतमय आरती होगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर में आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट बनाए गए हैं। भक्तों को भगवान के सामने करीब 10 मिनट तक दर्शन का समय दिया जाएगा।
चिंतामन गणेश में उल्टा स्वास्तिक बनाने की परंपरा
उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर की सबसे खास परंपराओं में भगवान की पीठ की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाना शामिल है।
मंदिर के पुजारी गणेश गुरु के मुताबिक, श्रद्धालु विशेष रूप से संतान प्राप्ति समेत अपनी मनोकामनाओं के लिए भगवान की पीठ की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं।
मनोकामना पूरी होने पर बनाते हैं सीधा स्वास्तिक
मान्यता के अनुसार, मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु दोबारा मंदिर पहुंचते हैं और भगवान की पीठ की ओर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं। कई भक्त मंदिर में रक्षा सूत्र भी बांधते हैं और मनोकामना पूरी होने पर उसे खोलने के लिए वापस आते हैं।
मंदिर परिसर में बड़ा तराजू भी रखा गया है। श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने के बाद अनाज, लड्डुओं या अन्य प्रसाद से तुलादान करते हैं। कुछ परिवार संतान प्राप्ति के बाद बच्चे के वजन के बराबर लड्डुओं का तुलादान कर उसे श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में बांटते हैं।
ग्वालियर में गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए भीड़
गणेश चतुर्थी को लेकर ग्वालियर के बाजारों में भी उत्साह नजर आया। लोग छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं खरीदकर अपने घर ले जाते दिखाई दिए। प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए बाजारों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया।
बैतूल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने खरीदी मिट्टी की प्रतिमा
बैतूल के कारगिल चौक पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्थानीय महिला कलाकार लक्ष्मी प्रजापति से मिट्टी की गणेश प्रतिमा खरीदी। उन्होंने प्रतिमा के लिए 3 हजार रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया।
खंडेलवाल ने कहा कि स्थानीय कलाकारों से गणेश प्रतिमा खरीदना धार्मिक परंपरा के साथ उनकी कला और रोजगार को बढ़ावा देने का माध्यम भी है। उन्होंने लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं से स्थानीय कलाकारों से प्रतिमा खरीदने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की अपील की।




