रीवा-शहडोल समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पूर्वी MP में फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव
बाणसागर डैम के 6 गेट खोले गए, चित्रकूट में बाढ़ से हालात बिगड़े; प्रदेश में अब तक सामान्य से 9% कम बारिश, अगले 3 दिन कई जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी।

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और पूर्वी हिस्से में बने स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण सोमवार को रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल संभाग सहित प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। लगातार बारिश के कारण कई नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ गया है। शहडोल के बाणसागर डैम में पानी की आवक तेजी से बढ़ने के बाद रविवार दोपहर 6 गेट खोल दिए गए और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर रही, जबकि गोरगी बांध फूटने से कई इलाकों में पानी भर गया और तेज बहाव में रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और राहत शिविर में प्रभावित लोगों से मुलाकात की। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित सतना में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। मौसम विभाग ने सितंबर की शुरुआत के अगले तीन दिनों में भी कई जिलों में अति भारी बारिश की संभावना जताई है, जहां 24 घंटे में करीब 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश डैमों में जलस्तर सुधरा है और कई बांधों के गेट खोले जा चुके हैं। भोपाल के बड़े तालाब में जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है और इसके फुल होने में सिर्फ 0.30 फीट की कमी बताई गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक करीब 700 मिमी यानी 27.2 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य 772.3 मिमी यानी 30.4 इंच से लगभग 9% कम है। पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से करीब 5% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बताई गई है। हालांकि 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, ऐसे में नदी-नालों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।




