गोंडा में 35 किमी पैदल चले विधायक प्रतीक भूषण सिंह: दुखहरण नाथ मंदिर में किया जलाभिषेक, बोले- पिता फिर संसद पहुंचें
गोंडा में कजरी तीज पर शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने 35 किमी पैदल चलकर किया जलाभिषेक; पिता के दोबारा संसद पहुंचने की जताई इच्छा।

गोंडा। कजरी तीज के अवसर पर गोंडा में शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इसी दौरान भाजपा विधायक और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण सिंह करीब 35 किलोमीटर पैदल चलकर दुखहरण नाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने रात करीब 12 बजे भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
प्रतीक भूषण सिंह अपने निवास विश्नोहरपुर से पैदल यात्रा करते हुए करनैलगंज के सरयू घाट पहुंचे। यहां उन्होंने सरयू स्नान किया और इसके बाद दुखहरण नाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की।
पिता के स्वास्थ्य और राजनीतिक वापसी के लिए की कांवड़ यात्रा
विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि वह पिछले करीब 16 वर्षों से कजरी तीज पर जलाभिषेक के लिए आ रहे हैं। इस बार उन्होंने लगभग 30 दिनों तक पैदल चलने की तैयारी की।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा के जरिए वह अपने पिता के अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने इच्छा जताई कि उनके पिता दोबारा संसद पहुंचें।
प्रतीक भूषण ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने एक मामले को लेकर मनौती मांगी थी, जिसके जीतने की बात उन्होंने कही। इस बार वह पिता के स्वास्थ्य और उनके फिर से संसद पहुंचने की कामना के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं।
समाज में सद्भाव और एकता की अपील
विधायक ने हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए समाज में आपसी सद्भाव और एकता बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को एक-दूसरे को नीचा दिखाने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज में समरसता जरूरी है और आपसी विवादों की कीमत समाज को नहीं चुकानी चाहिए। प्रतीक भूषण ने अपने पिता के साथ अपने भाई के भी संसद पहुंचने की इच्छा जताई।
कजरी तीज पर लाखों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
गोंडा के प्रमुख शिव मंदिरों में कजरी तीज के अवसर पर रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई। दुखहरण नाथ और बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर के अलावा बाबा कारोहानाथ, बालेश्वर नाथ और बरखंडी नाथ मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
बताया गया कि श्रद्धालु कई किलोमीटर पैदल चलकर मंदिरों तक पहुंचे। कुछ श्रद्धालुओं ने दुखहरण नाथ मंदिर के लिए करीब 35 किलोमीटर, जबकि पृथ्वीनाथ मंदिर के लिए लगभग 45 किलोमीटर की पैदल दूरी तय की।
20 लाख से ज्यादा लोगों ने किया जलाभिषेक
प्रशासन के अनुसार सुबह करीब 9:30 बजे तक गोंडा के प्रमुख शिव मंदिरों में लगभग 20 लाख श्रद्धालु जलाभिषेक कर चुके थे। इनमें नेपाल से आने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में शामिल रहे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए 5 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी भी की गई।
भीड़ के दबाव से टूटी बैरिकेडिंग
देर रात करीब 2 बजे एलबीएस चौराहे से मंदिर के बीच गुरु नानक पुलिस चौकी के पास भीड़ के दबाव से करीब 10 फीट लंबी बल्ली टूट गई। इससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी।
मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल व्यवस्था संभाली और रस्सी लगाकर बैरिकेडिंग को सुरक्षित किया। श्रद्धालुओं को सावधानी से आगे बढ़ने के लिए कहा गया।
होल्डिंग एरिया बनाकर नियंत्रित की गई भीड़
दुखहरण नाथ मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाल बहादुर शास्त्री चौराहे से मंदिर तक 20 से अधिक होल्डिंग एरिया बनाए गए थे। इन स्थानों पर श्रद्धालुओं को कुछ समय रोकने के बाद चरणबद्ध तरीके से मंदिर की ओर भेजा गया।
प्रशासन की ओर से पुलिस के अलावा सिविल डिफेंस, स्काउट गाइड और अन्य स्वयंसेवी टीमों की भी मदद ली गई।




