लोक आयुक्त संगठन के 50 साल पूरे: सीएम योगी बोले- 2017 में 60% शिकायतें राशन से जुड़ी थीं, अब शिकायतें शून्य
उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस पर लखनऊ में कार्यक्रम हुआ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्मारिका व सूचना पुस्तिका का विमोचन किया और PDS, लैंड यूज मामलों तथा जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोक आयुक्त संगठन के 50 वर्ष पूरे होने पर लखनऊ के गोमतीनगर स्थित लोक आयुक्त कार्यालय में स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लोक आयुक्त प्रशासन की स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन किया।
समारोह में लोक आयुक्त संगठन की पांच दशक की यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें संगठन के गठन, शिकायतों की जांच और अब तक की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
योगी बोले- 2017 में हर 100 में 60 शिकायतें राशन की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में उनकी सरकार बनने के समय जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों में बड़ी संख्या सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और खाद्यान्न वितरण से संबंधित होती थी।
उन्होंने कहा कि उस समय जनता दर्शन में 100 लोग आते थे तो करीब 60 लोग राशन से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचते थे। सरकार ने व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया।
सीएम के मुताबिक, प्रदेश की करीब 80 हजार राशन दुकानों पर ई-पॉस मशीनें लगाई गईं और इन्हें मुख्यालय की निगरानी व्यवस्था से जोड़ा गया। मशीनों में गड़बड़ी होने पर मुख्यालय को अलर्ट मिलने की व्यवस्था की गई।
उन्होंने दावा किया कि इसका असर अब दिखाई दे रहा है। आज जनता दर्शन में करीब 500 लोग पहुंचते हैं, लेकिन PDS से जुड़ी शिकायतें शून्य हो गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 16 करोड़ लोगों को बिना भेदभाव राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
लोक सेवकों को जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवक जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। अधिकार और जिम्मेदारी मिलने के बाद किसी व्यक्ति के व्यवहार में अहंकार नहीं आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकायुक्त जैसी संस्थाएं लोक सेवकों को उनकी जिम्मेदारी, जवाबदेही और नैतिक दायित्व का एहसास कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
योगी ने कहा कि अगर किसी लोक सेवक के गलत कार्य को किसी स्तर पर बचाने का प्रयास होता है, तो शिकायत लोक आयुक्त संगठन तक पहुंचने के बाद मामले का तथ्यों और मेरिट के आधार पर निस्तारण किया जा सकता है।
लैंड यूज मामलों के लिए तय की गई समय सीमा
सीएम योगी ने बताया कि लैंड यूज से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में मामला निस्तारित नहीं होने पर उसे डीम्ड माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि गलत तरीके से मामले के निस्तारण की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले साढ़े नौ वर्षों में लैंड यूज से जुड़े करीब 34 लाख मामलों का निस्तारण किया गया है, जबकि इसी अवधि में करीब 9 लाख नए मामले भी सामने आए।
जनविश्वास को बताया लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आम नागरिक का विश्वास जरूरी है। केवल किसी संस्था का गठन कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि वह अपने उद्देश्य के अनुरूप जनता को परिणाम दे।
उन्होंने कहा कि आम नागरिक बिना किसी झिझक के अपनी शिकायत लेकर संस्था तक पहुंच सके और उसे न्याय मिले, यही लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कसौटी है।
हर शिकायत का निष्पक्षता से निस्तारण जरूरी
योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण के संदेश ‘समत्वं योग उच्यते’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी लोगों के साथ समान भाव रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की शिकायत का समाधान तथ्यों और मेरिट के आधार पर होना चाहिए। लोक आयुक्त जैसी संस्थाओं की निष्पक्ष कार्यप्रणाली से जनता का भरोसा मजबूत होता है।
पंचायत सहायकों के बाद अब लोक शिकायतों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें आम नागरिक को अपनी शिकायत के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
कार्यक्रम में लोकायुक्त संजय मिश्र सहित संगठन के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई।




