रीवा में CMO पर महिला कंप्यूटर ऑपरेटर ने लगाए गंभीर आरोप: कथित ऑडियो में कमरे में दो घंटे साथ रहने की बात; इनकार के बाद नौकरी से हटाने का दावा
चाकघाट नगर परिषद की महिला कर्मचारी ने आयुक्त को भेजी शिकायत; नौकरी, वेतन और EPF को लेकर भी लगाए आरोप

रीवा। रीवा जिले की चाकघाट नगर परिषद में एक महिला कंप्यूटर ऑपरेटर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शंखधर पांडेय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत के बाद कथित आपत्तिजनक बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। इसमें एक अधिकारी की आवाज में महिला से करीब दो घंटे कमरे में साथ रहने की बात किए जाने का दावा है।
बातचीत में अधिकारी के पत्नी और बच्चों के बाहर जाने का भी जिक्र सुनाई देता है। हालांकि, ऑडियो में आवाज किसकी है और बातचीत किस संदर्भ में हुई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ऑडियो सामने आने के बाद महिला कर्मचारी ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त को शिकायत भेजकर CMO शंखधर पांडेय और नगर परिषद अध्यक्ष विभव कुमार जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उस पर अनुचित अपेक्षा पूरी करने का दबाव बनाया गया और इनकार करने के बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया।
2018 से नगर परिषद में काम करने का दावा
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह 15 मार्च 2018 से चाकघाट नगर परिषद में दैनिक वेतन पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम कर रही थी।
उसके अनुसार, 18 जून 2026 को कार्यालय में अध्यक्ष और CMO उसकी टेबल पर रखा कंप्यूटर उठाने लगे। महिला का आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और गाली-गलौज भी की गई।
महिला ने यह भी दावा किया कि उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी गई थी। उसने शिकायत में कहा है कि उस दिन कार्यालय में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग से घटना की पुष्टि हो सकती है।
महिला का आरोप- इनकार करने के बाद शुरू हुई कार्रवाई
महिला का आरोप है कि कथित अनुचित मांग को मानने से इनकार करने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई।
शिकायत के मुताबिक, CMO शंखधर पांडेय ने बैकडेट में पत्र जारी कर उसे नौकरी से हटाया। महिला का दावा है कि 24 जून 2026 से उसकी ऑनलाइन उपस्थिति आईडी भी हटा दी गई।
उसने करीब 6 महीने से वेतन नहीं मिलने और लगभग ढाई साल से EPF की राशि खाते में जमा नहीं होने का भी आरोप लगाया है।
पहले भी अधिकारियों को शिकायत देने का दावा
महिला के मुताबिक, वह मामले को लेकर पहले ही चाकघाट थाना प्रभारी, श्रम पदाधिकारी रीवा, कलेक्टर, नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक और एसपी को आवेदन दे चुकी है।
अब उसने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त से पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
2023 की नियुक्तियों से जुड़े मामले में भी दबाव का आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में नगर परिषद में वर्ष 2023 में हुई दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की नियुक्तियों का भी उल्लेख किया है।
उसका कहना है कि तत्कालीन CMO केएन सिंह के कार्यकाल में हुई इन नियुक्तियों की बाद में जांच की गई थी। महिला का आरोप है कि इसी मामले को लेकर उस पर तत्कालीन CMO केएन सिंह के खिलाफ व्यक्तिगत और चरित्र संबंधी आरोप लिखकर अधिकारियों को देने का दबाव बनाया गया।
महिला के अनुसार, उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद विवाद और बढ़ गया।
स्टाफ के सामने माफी मांगने के बाद भी नौकरी से हटाने का दावा
महिला ने आरोप लगाया कि CMO के कहने पर उसे स्टाफ के सामने माफी भी मांगनी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद उसकी नौकरी बहाल नहीं की गई।
उसका दावा है कि इसके बाद उसे सेवा से हटा दिया गया और उसकी उपस्थिति से जुड़ी व्यवस्था भी बंद कर दी गई।
आयुक्त से नौकरी, वेतन और EPF की जांच की मांग
महिला ने आयुक्त को दिए आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और उसे नौकरी पर वापस लेने की मांग की है।
इसके साथ ही उसने बकाया वेतन और EPF से संबंधित मामले की भी जांच कराने की मांग की है।
ऑडियो की सत्यता और आरोपों की जांच बाकी
फिलहाल सामने आए ऑडियो में आवाज किस व्यक्ति की है, बातचीत कब और किस परिस्थिति में हुई तथा उसमें कही गई बातों का पूरा संदर्भ क्या था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की भी संबंधित विभाग और जांच एजेंसियों द्वारा पुष्टि किया जाना बाकी है। मामले में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




