सागर शराबकांड में कलेक्टर का एक्शन: आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त, पत्नी के नाम पर भी था हथियार
बंडा जहरीली शराबकांड के बाद प्रशासन की सख्ती; सोहन राजपूत, पत्नी हेमलता और शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के हथियार थाने में जमा कराने के निर्देश

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में हुए कथित जहरीली शराबकांड के मामले में प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। गिरफ्तारी और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने आयुध अधिनियम, 1959 के तहत बंडा और बहेरिया थाना क्षेत्रों से जुड़े तीन मामलों में शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन, दर्ज आपराधिक मामलों और लोक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की है।
सोहन और हेमलता राजपूत के लाइसेंस रद्द
शराबकांड से जुड़े आरोपी सोहन राजपूत, पिता उमराव सिंह राजपूत, निवासी ग्राम ततरवारा का 12 बोर शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया गया है।
इसी गांव की हेमलता राजपूत, पत्नी चंदू उर्फ चंद्रभान सिंह राजपूत, के नाम दर्ज एनपी बोर राइफल का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।
प्रशासन ने दोनों शस्त्रों को तत्काल बंडा थाने में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा पर भी कार्रवाई
प्रशासन ने लाइसेंसी शराब ठेकेदार और मामले में आरोपी बताए गए सिद्धार्थ कुशवाहा, पिता विक्रम कुशवाहा, निवासी ग्राम रूसल्ला के शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कर दिए हैं।
उसके नाम दर्ज 12 बोर दो नाल शस्त्र और 315 बोर राइफल के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। दोनों हथियारों को तत्काल बहेरिया थाने में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस का जवाब नहीं देने पर एकपक्षीय कार्रवाई
प्रशासन के मुताबिक सिद्धार्थ कुशवाहा को शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित प्रक्रिया के तहत जवाब नहीं देने और सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने पर प्रशासन ने एकपक्षीय कार्रवाई की।
लोक शांति और सुरक्षा को देखते हुए फैसला
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पुलिस रिपोर्ट और संबंधित आपराधिक मामलों को ध्यान में रखते हुए शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने शस्त्रों के संभावित दुरुपयोग की आशंका और लोक शांति एवं सुरक्षा को भी कार्रवाई का आधार बताया है।
प्रशासन का कहना है कि बंडा शराबकांड से जुड़े आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



