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अयोध्या में CEO नियुक्ति विवाद पर स्वामी गोविंददेव गिरि की सफाई: बोले- एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने दिया था इंटरव्यू, चयन में नहीं हुई गड़बड़ी

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव ने जारी की सफाई; 5,585 आवेदनों में से 16 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए चुने गए थे

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर उठ रहे सवालों पर ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि ने सफाई दी है। उन्होंने सोमवार रात जारी प्रेस रिलीज में कहा कि CEO की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तय नियमों के अनुसार हुई है।

स्वामी गोविंददेव गिरि ने स्पष्ट किया कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचकर चयन प्रक्रिया के तहत इंटरव्यू दिया था। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनके इंटरव्यू में शामिल नहीं होने को लेकर गलत जानकारी सामने आई है।

5,585 आवेदनों से 16 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए चुने गए

ट्रस्ट के मुताबिक, 6 जुलाई 2026 को CEO के चयन के लिए खोज समिति का गठन किया गया था। समिति को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए।

इन आवेदनों की कई स्तरों पर जांच की गई। इसके लिए दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में एआई स्क्रीनिंग के साथ विशेषज्ञों द्वारा मैनुअल जांच की गई।

चयन प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया।

11 और 12 अगस्त को अयोध्या में हुए इंटरव्यू

ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि शॉर्टलिस्ट किए गए सभी 16 उम्मीदवारों के आमने-सामने इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में आयोजित किए गए।

स्वामी गोविंददेव गिरि के अनुसार, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने 11 अगस्त को पहली पाली में इंटरव्यू दिया था

उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में उनकी मौजूदगी और चयन प्रक्रिया में उनका मूल्यांकन रिकॉर्ड में दर्ज है।

1 सितंबर को खोज समिति ने सौंपी अंतिम रिपोर्ट

खोज समिति ने अपनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 1 सितंबर को अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें ट्रस्ट को सौंपीं।

इसके बाद 2 सितंबर को शीर्ष तीन उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए गए। इनमें:

  1. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र
  2. संजय प्रतापसिंह विश्वास राव
  3. श्रुति भारद्वाज

शामिल थे।

ट्रस्ट ने इंटरव्यू में शामिल नहीं होने के दावे को बताया गलत

स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि जितेंद्र मिश्र के 11-12 अगस्त को इंटरव्यू में शामिल नहीं होने की बात तथ्यात्मक रूप से गलत है।

उनके मुताबिक, शीर्ष तीन उम्मीदवारों में जितेंद्र मिश्र का शामिल होना इस बात का दस्तावेजी प्रमाण है कि उन्होंने चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया, उनका मूल्यांकन हुआ और योग्यता के आधार पर उनका चयन हुआ।

ट्रस्ट बोला- हर चरण का रिकॉर्ड रखा गया

ट्रस्ट महासचिव ने कहा कि CEO के चयन की पूरी प्रक्रिया संस्थागत नियमों और पारदर्शिता के निर्धारित मानकों के तहत पूरी की गई।

उनके अनुसार, चयन प्रक्रिया के हर चरण का रिकॉर्ड रखा गया। अयोध्या में इंटरव्यू देने वाले सभी उम्मीदवारों की पहचान भी दर्ज की गई।

स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि ट्रस्ट पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है और चयन प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर तथ्यात्मक जानकारी देने के लिए तैयार है।

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