कुल्हाड़ी से गला काटा, साथी ने चाकू घोंपा: सरपंच पति की हत्या में अतिक्रमण विवाद का एंगल, स्निफर डॉग से खुली कड़ी
गुड़ी रेंज में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद रूमसिंग पर मुखबिरी का शक; पुलिस के मुताबिक 15 दिन पहले रची गई थी हत्या की साजिश, पांच आरोपी नामजद और तीन गिरफ्तार

खंडवा। बोरखेड़ा के सरपंच पति रूमसिंग की हत्या के मामले में पुलिस जांच में जंगल की जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जुड़ा विवाद सामने आया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को शक था कि उनके मकान और कब्जों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने में रूमसिंग की भूमिका थी। इसी शक के चलते हत्या की साजिश रची गई।
रूमसिंग की 10 सितंबर की रात हत्या कर दी गई थी। अगले दिन खेत के रास्ते पर उनका शव मिला। पुलिस के अनुसार उनकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार किया गया था और साथी ने चाकू से हमला किया।
10 हजार एकड़ वनभूमि पर अतिक्रमण बना विवाद की वजह
पुलिस जांच के मुताबिक 2019-20 के दौरान गुड़ी रेंज के जंगलों में अतिक्रमण बढ़ना शुरू हुआ। बोरखेड़ा और भिलाईखेड़ा क्षेत्र में जंगल की जमीन साफ कर खेती किए जाने की बात सामने आई। करीब 10 हजार एकड़ वनभूमि पर अतिक्रमण कर खेती शुरू करने का आरोप है।
2023 से प्रशासन और वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। जून में बड़े स्तर पर कार्रवाई के दौरान करीब 150 जेसीबी मशीनों की मदद से तीन दिन तक काम किया गया। इस दौरान कुछ मकानों को भी हटाया गया।
पुलिस के मुताबिक इसी कार्रवाई के बाद अतिक्रमणकारियों में यह शक गहराया कि रूमसिंग ने प्रशासन को उनके कब्जे और मकानों की जानकारी दी थी।
वन विभाग में चौकीदार रह चुका था रूमसिंग
रूमसिंग राजनीति में आने से पहले वन विभाग में करीब सात साल चौकीदार के तौर पर काम कर चुका था। बाद में वह बोरखेड़ा की राजनीति में सक्रिय हुआ और करीब सात साल तक खुद सरपंच रहा। महिला आरक्षण के बाद उसकी पत्नी ज्ञानीबाई सरपंच बनीं।
पुलिस के अनुसार वन विभाग से पुराने संपर्क होने के कारण अतिक्रमणकारियों को रूमसिंग पर मुखबिरी का शक था।
15 दिन पहले बनाई हत्या की योजना
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार आरोपियों ने हत्या की योजना करीब 15 दिन पहले बनाई थी। आमाखुजरी में बैठकें होने और रूमसिंग की करीब एक सप्ताह तक रैकी किए जाने की बात सामने आई है।
9 सितंबर की रात भी आरोपियों ने हमला करने की कोशिश की, लेकिन रूमसिंग अपने साले के साथ था। अगले दिन 10 सितंबर की रात वह बाइक से अकेला निकला। पुलिस के मुताबिक उसकी लोकेशन आरोपियों तक पहुंचाई गई और वे पहले से खेत में छिपकर बैठे थे।
स्निफर डॉग ने बदला जांच का एंगल
हत्या के बाद पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच शुरू की। स्निफर डॉग की सर्चिंग के दौरान जांच टीम उन इलाकों और घरों तक पहुंची, जहां जंगल में अतिक्रमण करने वाले लोग रहते थे।
इसके बाद पुलिस ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, पुराने वन अपराध और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड को जांच का हिस्सा बनाया।
पांच आरोपी नामजद, तीन गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक मामले में अनिल, दिनेश, सरदार, छतरसिंह और सुरमल को आरोपी बनाया गया है। इनमें अनिल, सरदार और दिनेश को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि छतरसिंह और सुरमल फरार हैं।
पुलिस के अनुसार छतरसिंह के खिलाफ 2022 से 2026 के बीच छह मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और हत्या के प्रयास से संबंधित मामले शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड में पॉक्सो एक्ट से जुड़ा मामला भी दर्ज होने की बात कही गई है।
पुलिस के मुताबिक रूमसिंग की गर्दन पर कुल्हाड़ी से पहला वार छतरसिंह ने किया था।
दूसरे फरार आरोपी सुरमल के खिलाफ भी तीन मामले दर्ज बताए गए हैं। इनमें हत्या के प्रयास, धमकी, बलवा, मारपीट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
लोकेशन के जरिए रूमसिंग तक पहुंचे आरोपी
पुलिस जांच के मुताबिक दिनेश ने रूमसिंग के अकेले निकलने की जानकारी और उसकी लाइव लोकेशन फोन के जरिए छतरसिंह तक पहुंचाई थी। इसके बाद आरोपी खेत में पहले से घात लगाकर बैठे रहे और रूमसिंग के पहुंचने पर हमला कर दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में इसे अचानक हुआ विवाद नहीं, बल्कि रैकी और लोकेशन के आधार पर की गई साजिश बताया गया है।
परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर लगाए आरोप
रूमसिंग के बेटे राजू ने आरोप लगाया कि सरपंची के दौरान गांव के कुछ लोगों से उनके पिता का विवाद था। परिवार का दावा है कि इन्हीं लोगों ने अतिक्रमणकारियों को रूमसिंग के खिलाफ भड़काया।
हालांकि पिपलोद टीआई विक्रम धारवे के मुताबिक जांच में अभी तक ग्रामीणों का हत्या से कोई कनेक्शन सामने नहीं आया है।
एसपी ने क्या कहा?
एसपी अगम जैन के मुताबिक मामले में पांच आरोपी बनाए गए हैं। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और दो की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों के मकान वन विभाग की कार्रवाई में टूटे थे, उन्हें रूमसिंग पर प्रशासन को जानकारी देने का शक था। इसी शक को हत्या की वजह माना जा रहा है।
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