जम्मू-कश्मीर में लश्कर लिंक वाले 3 मददगारों के ठिकानों पर छापेमारी: पिस्तौल, गोलियां और 2 चीनी ग्रेनेड बरामद; राजौरी-रियासी से शोपियां तक नेटवर्क की जांच
राजौरी में लश्कर लिंक वाले 3 मददगारों के ठिकानों पर छापेमारी, पिस्तौल और 2 चीनी ग्रेनेड बरामद

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में कथित आतंकी मददगारों के नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस को हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर को गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की निशानदेही पर गुरुवार को एक पिस्तौल, मैगजीन, गोलियां और दो चीनी ग्रेनेड बरामद किए गए।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े कथित ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) नेटवर्क का हिस्सा बताया है। मामले की जांच अभी जारी है।
14 सितंबर को हुई थी तीन गिरफ्तारियां
राजौरी पुलिस ने 14 सितंबर को मोहम्मद आजम, जाकिर हुसैन और मोहम्मद मुश्ताक को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, तीनों राजौरी जिले के रहने वाले हैं और उन पर आतंकियों को कथित तौर पर लॉजिस्टिकल सहायता, सुरक्षित आवाजाही और अन्य स्थानीय मदद उपलब्ध कराने का आरोप है।
जांच के दौरान एक आरोपी की निशानदेही पर एक IED भी बरामद किया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की कथित भूमिका और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच की जा रही है।
राजौरी-रियासी से शोपियां तक आवाजाही में मदद का आरोप
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर आतंकियों को ठहरने की जगह उपलब्ध कराने और उनकी आवाजाही में मदद करते थे।
जांच में राजौरी और रियासी के बीच तथा पीर पंजाल क्षेत्र के रास्ते आतंकियों की आवाजाही को सुगम बनाने की बात सामने आई है। पुलिस ने यह भी कहा है कि आरोपियों की कथित भूमिका 2023 में रियासी के चसाना इलाके में मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों को सहायता देने के मामले में भी सामने आई है।
ठिकाने से हथियार और ग्रेनेड बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर उनके कथित ठिकाने से:
- एक पिस्तौल
- एक मैगजीन
- गोलियां
- दो चीनी ग्रेनेड
बरामद किए गए।
पुलिस का कहना है कि हथियार और विस्फोटक सामग्री कथित तौर पर सुरक्षित रखने और भविष्य में इस्तेमाल के लिए आरोपियों को दी गई थी। इन बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस को पूरे नेटवर्क की तलाश
राजौरी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं। जांच में आरोपियों के संपर्क, आतंकी समूहों के साथ कथित संबंध और लॉजिस्टिकल सहायता से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।
उधमपुर में दो जैश आतंकियों के मारे जाने के बाद सुरक्षा अभियान जारी
इसी दौरान जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में 16-17 सितंबर की रात सुरक्षाबलों ने दो संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस के अनुसार उनकी पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में हुई। अभियान के दौरान AK राइफल, M4 कार्बाइन, ग्लॉक पिस्तौल और ग्रेनेड बरामद किए गए। इलाके में तलाशी अभियान भी जारी रखा गया।
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