किसानों के बकाया भुगतान पर झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
धान बेचने वाले 104 किसानों को 2 महीने में भुगतान का निर्देश, पलामू के 128 किसानों के ₹1.71 करोड़ बकाया का मामला

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने पलामू जिले के पंडवा प्रखंड में धान बेचने के बाद भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों के मामले में अहम निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार को 104 किसानों की बकाया राशि दो महीने के भीतर हाईकोर्ट में जमा कराने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि जब इन किसानों पर धान खरीद में अनियमितता का आरोप नहीं है और उनके पास धान आपूर्ति की रसीदें भी हैं, तो अन्य किसानों पर लगे आरोपों के आधार पर उनका भुगतान रोकना उचित नहीं है।
7 दिसंबर तक देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
अदालत ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को आदेश के अनुपालन के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया है। उन्हें 7 दिसंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। मामले की अगली समीक्षा 10 दिसंबर को होगी।
शेष 24 किसानों के मामलों की होगी जांच
हाईकोर्ट ने बाकी 24 किसानों के मामलों में सरकार को जांच करने की छूट दी है। सरकार को एक महीने के भीतर जांच शुरू करनी होगी और अधिकतम चार महीने में इसे पूरा करना होगा।
इस मामले में कुल 128 किसानों के ₹1.71 करोड़ बकाया होने का उल्लेख है। अदालत के निर्देश से उन 104 किसानों को राहत मिली है, जिनके भुगतान पर धान खरीद में अनियमितता के आरोपों के आधार पर रोक लगी हुई थी।




