हरमू, अल्बर्ट एक्का और सहजानंद चौक का हाल… संवारने चले थे, जो था वह भी बिगाड़ गए
करोड़ों खर्च, फिर भी अधूरी रह गई राजधानी की योजनाएं

राजधानी रांची को स्मार्ट और व्यवस्थित बनाने के नाम पर वर्षों से योजनाएं बनाई जा रही हैं। सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और फुट ओवरब्रिज जैसी परियोजनाओं पर अब तक करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन अधूरी प्लानिंग और लोगों की जरूरतों को नजरअंदाज करने के कारण इन योजनाओं का लाभ जनता को नहीं मिल पाया।
सहजानंद चौक पर घेराबंदी से बढ़ी परेशानी
नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको ने करीब 14 करोड़ रुपए की लागत से सहजानंद चौक, हरमू चौक और अरगोड़ा चौक के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई थी। सहजानंद चौक पर गोलंबर का आकार 8 मीटर से बढ़ाकर 24 मीटर करने का काम शुरू भी कर दिया गया।
मापी के बाद गोलंबर के चारों ओर गार्डवाल निर्माण के लिए घेराबंदी कर दी गई, लेकिन स्थानीय लोगों ने इससे ट्रैफिक जाम बढ़ने की शिकायत की। शिकायत के बाद डीसी ने एसडीओ और ट्रैफिक एसपी से जांच कराई और निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई। पिछले एक महीने से चौक चारों ओर से घिरा पड़ा है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।
“लोगों की राय लिए बिना बनती हैं योजनाएं”
सेवानिवृत्त अभियंता एस. कुमार का कहना है कि शहर के सौंदर्यीकरण की योजनाओं में आम लोगों की भागीदारी नहीं होती। अफसरों के निर्देश पर करोड़ों की योजनाएं बना दी जाती हैं, लेकिन जब जमीन पर काम शुरू होता है तो लोग विरोध करने लगते हैं। उनका मानना है कि लोगों की जरूरतों और ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर योजना बनाई जाए तो परिणाम बेहतर होंगे।
अल्बर्ट एक्का चौक पर 4 करोड़ खर्च, काम बंद
मेन रोड स्थित अल्बर्ट एक्का चौक पर चारों ओर फुट ओवरब्रिज बनाने की 22 करोड़ रुपए की योजना तैयार की गई थी। बिना जनसहमति के चौक को पुराने स्थान से करीब पांच फीट दूर शिफ्ट कर दिया गया और पिलर निर्माण शुरू हो गया।
इसके बाद सांसद, विधायक और कई सामाजिक संगठन विरोध में उतर आए। लोगों का कहना था कि फुट ओवरब्रिज से ट्रैफिक जाम बढ़ेगा और धार्मिक आयोजनों पर असर पड़ेगा। विरोध के बाद काम रोक दिया गया, लेकिन तब तक करीब 4 करोड़ रुपए खर्च हो चुके थे।
अरगोड़ा चौक पर भी जाम बढ़ने की आशंका
अरगोड़ा चौक के सौंदर्यीकरण पर करीब 4.26 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। यहां गोलंबर की चौड़ाई 8 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर करने की योजना है।
हालांकि इस चौक को लेकर पहले भी विवाद हो चुके हैं। नामकरण विवाद के कारण यहां निषेधाज्ञा तक लगानी पड़ी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गोलंबर का आकार बढ़ाया गया तो यहां ट्रैफिक जाम और बढ़ जाएगा।
हरमू चौक पर पेड़ों की कटाई का विरोध
हरमू चौक के सौंदर्यीकरण के लिए सड़क किनारे लगे करीब 25 पुराने पेड़ों को ठूंठ कर दिया गया है। जुडको का दावा है कि पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा, लेकिन स्थानीय लोगों को आशंका है कि अधिकांश पेड़ सूख जाएंगे।
पेड़ों की कटाई के बाद चौक का स्वरूप वीरान नजर आने लगा है। स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं और विकास कार्यों के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दे चुके हैं।
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