बिहार की ‘आयरन लेडी’ लेसी सिंह: 8वीं बार मंत्री बनकर बनाया रिकॉर्ड
सम्राट कैबिनेट में फिर मिली जगह

बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट विस्तार में जेडीयू की वरिष्ठ नेता लेसी सिंह को एक बार फिर मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही वह बिहार की पहली महिला नेता बन गई हैं, जिन्होंने आठवीं बार मंत्री पद की शपथ ली है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
सीमांचल की मजबूत महिला चेहरा
पूर्णिया जिले की धमदाहा सीट से लगातार प्रभावशाली राजनीति करने वाली लेसी सिंह को सीमांचल की सबसे मजबूत महिला नेताओं में गिना जाता है। जेडीयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में उनकी पहचान है। इससे पहले वे उद्योग, समाज कल्याण, आपदा प्रबंधन और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण जैसे अहम विभाग संभाल चुकी हैं।
16 साल की उम्र में हुई शादी
लेसी सिंह का जन्म 1974 में कटिहार जिले में हुआ था। उनकी शादी महज 16 साल की उम्र में समता पार्टी के नेता मधुसूदन सिंह उर्फ बूटन सिंह से हुई। राजनीति में उनकी सक्रियता 21 साल की उम्र में शुरू हुई, जब वे अपने पति के चुनाव प्रचार में उतरने लगीं।
पति की हत्या के बाद संभाली राजनीति
साल 2000 में पूर्णिया कोर्ट परिसर में उनके पति बूटन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय माना जा रहा था कि उनका राजनीतिक सफर खत्म हो जाएगा, लेकिन उन्होंने खुद को मजबूत किया और उसी साल समता पार्टी के टिकट पर धमदाहा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं।
लगातार चुनावी सफलता
लेसी सिंह ने 2000, फरवरी 2005, 2010, 2015, 2020 और 2025 में धमदाहा सीट से जीत दर्ज की। केवल अक्टूबर 2005 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद प्रत्याशी संतोष कुशवाहा को 55 हजार से अधिक वोटों से हराया।
विवादों और चुनौतियों के बीच मजबूत पहचान
लेसी सिंह पर समय-समय पर कई आरोप लगे, लेकिन अदालत में कोई मामला साबित नहीं हुआ। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा भी दी गई थी। वे बिहार की पहली महिला मंत्री बनीं जिन्हें यह सुरक्षा मिली।
जनता से सीधा जुड़ाव उनकी ताकत
लेसी सिंह नियमित रूप से जनता दरबार लगाती हैं और क्षेत्र के लोगों से सीधे संपर्क बनाए रखती हैं। सीमांचल में उनकी पकड़ सभी वर्गों में मजबूत मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यही वजह है कि वे जेडीयू की सबसे भरोसेमंद महिला नेताओं में शामिल हैं।