फरीदाबाद में दिल दहला देने वाली घटना: 9 घंटे नहर में टहनी से लटका रहा 9 साल का मासूम, युवक ने बचाई जान
पिता ने नहर में फेंका, 5KM बहने के बाद बची जान

फरीदाबाद में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां सिविल इंजीनियर भगवत दयाल ने कथित तौर पर अपने दो बेटों के साथ आगरा नहर में छलांग लगा दी। 9 वर्षीय सम्राट को पहले नहर में फेंका गया। तेज बहाव में बहते हुए वह करीब 5 किलोमीटर दूर पहुंचा, जहां उसने पेड़ की एक टहनी पकड़कर अपनी जान बचाई।
9 घंटे तक पानी में लटका रहा बच्चा
सम्राट पूरी रात करीब 9 घंटे तक नहर में टहनी के सहारे लटका रहा। लगातार पानी में रहने के कारण उसका शरीर सफेद पड़ गया था और वह बेहद कमजोर हो गया था।
“पापा ने धक्का दिया” – बच्चे का बयान
बचाए जाने के बाद बच्चे ने बताया— “मुझे पापा ने धक्का दिया, इसके आगे कुछ याद नहीं।”
इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पैरोल पर आए युवक ने बचाई जान
सुबह करीब 7 बजे नहर किनारे टहल रहे 23 वर्षीय युवक राजेंद्र ने बच्चे की “बचाओ-बचाओ” की आवाज सुनी। उसने तुरंत नहर में छलांग लगाई और अपने दोस्त की मदद से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, राजेंद्र हाल ही में जेल से पैरोल पर बाहर आया था।
घर ले जाकर दी प्राथमिक मदद
राजेंद्र और उसके परिवार ने बच्चे को अपने घर ले जाकर कपड़े बदले, कंबल में लपेटा और उसे गर्माहट दी। चाय और बिस्किट देकर उसकी हालत संभाली गई। बाद में बच्चे से मां का नंबर लेकर परिवार और पुलिस को सूचना दी गई।
छोटे बेटे और पिता की तलाश जारी
घटना के बाद से पिता भगवत दयाल और उसका छोटा बेटा युग लापता हैं। पुलिस और SDRF की टीम आगरा नहर में लगातार सर्च अभियान चला रही है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है।
पारिवारिक विवाद की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद यह घटना हुई हो सकती है। हालांकि, असली कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस परिवार से पूछताछ कर रही है।
पूरे इलाके में सनसनी
इस घटना के बाद इलाके में दहशत और हैरानी का माहौल है। एक तरफ जहां बच्चे के जिंदा बचने को चमत्कार माना जा रहा है, वहीं पिता के इस कथित कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं

