आंखों पर पट्टी बांधकर निकला कांवड़िया, साथ चल रही गाय: गौ हत्या पर रोक और गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग
गौ हत्या पर रोक और गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग

मुजफ्फरनगर। सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर में एक अनोखा कांवड़िया लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हरिद्वार की हरकी पौड़ी से गंगाजल लेकर निकले सुनील भोला करीब 180 किलोमीटर की यात्रा आंखों पर पट्टी बांधकर पूरी कर रहे हैं। उनकी कांवड़ यात्रा का उद्देश्य गाय की सुरक्षा और गौ हत्या पर रोक लगाने का संदेश देना बताया गया है।
सुनील भोला अपनी यात्रा के दौरान एक गाय को भी साथ लेकर चल रहे हैं। आंखों पर पट्टी बांधकर यात्रा करते हुए उन्हें देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ जुट रही है।
गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग
कांवड़िया सुनील भोला का कहना है कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों में गायों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता पैदा करना है। वह गौ हत्या पर पूर्ण रोक लगाने और गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
उनकी कांवड़ यात्रा में गाय लगातार उनके साथ चल रही है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भी उनके इस अनोखे प्रयास को देखने के लिए रुक रहे हैं।
180 किलोमीटर की पैदल यात्रा
सुनील भोला हरिद्वार की हरकी पौड़ी से गंगाजल लेकर निकले हैं। वह करीब 180 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। आंखों पर पट्टी बांधकर पैदल चलना इस यात्रा को और भी चुनौतीपूर्ण बना रहा है।
यात्रा के दौरान सुरक्षा और रास्ते की परिस्थितियों को देखते हुए उनके साथ मौजूद लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति न बने।
‘हमारे मठ’ की नजर
कांवड़ यात्रा आस्था के साथ-साथ अलग-अलग सामाजिक संदेशों का माध्यम भी बनती रही है। सुनील भोला की यह यात्रा गाय की सुरक्षा और गौ हत्या पर रोक की मांग को लेकर है। आंखों पर पट्टी बांधकर और गाय को साथ लेकर की जा रही यात्रा ने इसे लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है।



