एक ही चिता पर 6 शवों का अंतिम संस्कार, राजगढ़ हादसे में उजड़ गया परिवार; अजन्मे बच्चे को भी मृत मानकर दी विदाई
अजन्मे बच्चे को भी मृत मानकर दी विदाई

खातेगांव। राजगढ़ जिले में हुए दर्दनाक हादसे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। मंगलवार को धांसड़ गांव में परिवार के छह सदस्यों की अंतिम यात्रा निकली तो हर आंख नम थी। हल्की बारिश के बीच चार अर्थियों पर छह शव मुक्तिधाम पहुंचे। हादसे में जान गंवाने वाले परिवार के सदस्यों को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद रहे। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा मुक्तिधाम शोक में डूब गया। परिवार के लोगों ने बताया कि एक अर्थी पर पिता विशाल का शव था, जबकि दूसरी अर्थी पर मां पूजा और उनकी मासूम बेटियों के शव रखे गए थे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परिजनों ने अजन्मे बच्चे को भी इस दुर्घटना में मृत मानते हुए परिवार के साथ अंतिम विदाई दी। एक ही परिवार के इतने लोगों की एक साथ मौत से धांसड़ गांव में मातम पसरा हुआ है। जिन घरों में कुछ दिन पहले तक बच्चों की आवाजें और परिवार की खुशियां थीं, वहां अब सन्नाटा है। अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने नम आंखों से परिवार के सदस्यों को विदाई दी और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई। राजगढ़ हादसे में एक साथ कई जिंदगियां खत्म होने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। हादसे ने न सिर्फ एक परिवार के कई सदस्यों को हमेशा के लिए छीन लिया, बल्कि पीछे रह गए परिजनों और रिश्तेदारों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया। मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के दौरान बारिश के बीच लोगों की भीड़ मौजूद रही और परिजनों ने भारी मन से अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई दी। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।



