H-1B वीजाधारकों की नौकरी गई तो अमेरिका में रुकना मुश्किल हो सकता है
H-1B वीजाधारकों की नौकरी गई तो अमेरिका में रुकना मुश्किल हो सकता है

60 दिन की ग्रेस पीरियड खत्म करने का प्रस्ताव; नियम लागू हुआ तो नई नौकरी तलाशने का समय नहीं मिलेगा
वॉशिंगटन। अमेरिका में H-1B समेत कुछ अन्य वर्क वीजा पर काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है। अमेरिकी Department of Homeland Security (DHS) 60 दिन की मौजूदा ग्रेस पीरियड खत्म करने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। प्रस्ताव फिलहाल White House Office of Management and Budget (OMB) की समीक्षा में है और अभी यह अंतिम नियम नहीं बना है।
मौजूदा व्यवस्था में नौकरी खत्म होने के बाद पात्र H-1B कर्मचारियों को अधिकतम 60 दिन तक अमेरिका में रहकर नई नौकरी खोजने या अपनी इमिग्रेशन स्थिति बदलने का मौका मिलता है। प्रस्ताव लागू होने पर यह सुरक्षा हट सकती है। ऐसी स्थिति में नौकरी समाप्त होने के बाद कर्मचारी को अमेरिका में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए बहुत कम समय मिल सकता है और सामान्य तौर पर देश छोड़ना पड़ सकता है।
सिर्फ H-1B नहीं, कई वीजा कैटेगरी प्रभावित हो सकती हैं
प्रस्तावित बदलाव केवल H-1B तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक E-1, E-2, E-3, H-1B, H-1B1, L-1, O-1 और TN जैसी कुछ गैर-आप्रवासी वीजा कैटेगरी और उनके आश्रित भी प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, प्रस्ताव अभी समीक्षा के चरण में है। OMB समीक्षा के बाद इसे सार्वजनिक टिप्पणी के लिए Federal Register में प्रकाशित किया जाना होगा, इसलिए अभी 60 दिन की ग्रेस पीरियड खत्म नहीं हुई है।
भारतीय प्रोफेशनल्स पर असर की आशंका
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय H-1B प्रोफेशनल काम करते हैं। इसलिए अगर यह बदलाव अंतिम रूप से लागू होता है तो नौकरी जाने की स्थिति में भारतीय कर्मचारियों के लिए नई नौकरी हासिल करने और वीजा स्थिति बनाए रखने का दबाव काफी बढ़ सकता है।
भारत सरकार भी H-1B से जुड़े बदलावों को लेकर अमेरिका के साथ मुद्दा उठा चुकी है। विदेश मंत्रालय के फरवरी 2026 के जवाब के अनुसार, भारत ने हालिया अमेरिकी H-1B नीतियों और उनसे भारतीय पेशेवरों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर स्थिति पर नजर रखी है।
7 साल से अमेरिका में रहने वालों के ग्रीन कार्ड की चर्चा अलग प्रस्ताव में
वहीं, अमेरिका में लंबे समय से रह रहे प्रवासियों के लिए ग्रीन कार्ड से जुड़ा एक अलग विधायी प्रस्ताव भी चर्चा में है। ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देने वाला दस्तावेज है। हालांकि, इसे H-1B की 60-दिन वाली ग्रेस पीरियड खत्म करने वाले प्रस्ताव से अलग समझना चाहिए।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 60 दिन की ग्रेस पीरियड खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम नियम नहीं है।




