रांची

JSSC-CGL विवाद में CID की बड़ी कार्रवाई: BSO हिरासत में, TDPL मैनेजर की पत्नी और भाई गिरफ्तार

CID की जांच में अभय तिवारी के कथित नेटवर्क पर शिकंजा, 1750 OMR की जांच जारी; 454 अभ्यर्थी भी जांच के दायरे में

चतरा/रांची। JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई की है। CID टीम ने चतरा के पत्थलगड्डा प्रखंड में पदस्थापित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) तेजनारायण पंडित को हिरासत में लिया है। टीम उन्हें पत्थलगड्डा से चतरा लेकर पहुंची, जहां सदर थाना में उनसे पूछताछ की गई।

तेजनारायण पंडित मूल रूप से गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।

अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार

CID ने TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को भी गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस साल CGL मामले में यह पहली गिरफ्तारी बताई जा रही है।

सुषमा कुमारी ने CGL परीक्षा पास कर सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के रूप में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग में पद हासिल किया था। वहीं अक्षय तिवारी महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत था और उसने JPSC 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भी पास की थी।

दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजे जाने की प्रक्रिया की जाएगी। CID दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

अभय तिवारी के खिलाफ पहले से मामला दर्ज

अभय कुमार तिवारी के खिलाफ CID थाने में 1 जनवरी 2025 को कांड संख्या 01/2025 दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गड़बड़ी में उसकी और उससे जुड़े लोगों की क्या भूमिका थी।

JSSC सचिव से भी लगातार पूछताछ

CID ने JSSC सचिव सुधीर गुप्ता से भी लगातार पूछताछ की है। जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि जब CGL परीक्षा किसी दूसरी एजेंसी द्वारा संचालित की गई थी, तो अभय तिवारी और उसके कथित सिंडिकेट ने परीक्षा में सेंध कैसे लगाई।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि परीक्षा संचालन का काम संबंधित एजेंसी को कैसे मिला, किस कार्यकाल में आवंटन हुआ और कंपनी ने परीक्षा से जुड़े कौन-कौन से काम किए थे।

रिमोट एक्सेस से परीक्षा में गड़बड़ी का दावा

रिपोर्ट के अनुसार, PGT शिक्षक भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान JSSC कार्यालय पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे।

जांच में कथित तौर पर रिमोट एक्सेस के जरिए अभ्यर्थियों को पास कराने की बात सामने आई। इसमें अभ्यर्थी एक कंप्यूटर पर परीक्षा देते थे, जबकि दूसरे कमरे में मौजूद सॉल्वर कथित रूप से रिमोट के जरिए कंप्यूटर संचालित कर सवाल हल करता था।

1750 OMR की जांच जारी

JPSC 14वीं PT मामले में आरोपी मनोज कुमार, रौशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव को CID ने पांच दिन की रिमांड पर लिया है। उनसे कथित सेटिंग नेटवर्क, बिचौलियों, OMR में हेराफेरी और लेनदेन से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2204 सफल अभ्यर्थियों में से 1750 ने OMR कार्बन कॉपी उपलब्ध कराई है। इनकी मूल OMR से मिलान की प्रक्रिया चल रही है। वहीं कार्बन कॉपी उपलब्ध नहीं कराने वाले 454 अभ्यर्थी भी CID की जांच के दायरे में बताए गए हैं।

CID की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और लोगों की

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