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काशी में घाट डूबे, अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार; 15 राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से सड़कें बंद, राजस्थान में जलभराव से जनजीवन प्रभावित; हिमाचल में मकान गिरने से मां-बेटी की मौत

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम के सक्रिय होने के बाद देश के कई हिस्सों में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। बुधवार को करीब 20 राज्यों में बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर पानी पहुंच गया है और हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल भी जलमग्न हो गया है। अंतिम संस्कार के लिए लोगों को घाट की ऊपरी सीढ़ियों पर चिताएं जलानी पड़ रही हैं और कई परिवारों को शवों के अंतिम संस्कार के लिए दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्नाव में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर रही कि सड़कों पर नाव चलानी पड़ी। राजस्थान में भी कई जिलों में तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। जयपुर में चार घंटे से ज्यादा बारिश के बाद कई सड़कें पानी में डूब गईं और जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। बारिश के पानी से भरे गड्ढे में बस पलटने से 10 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। झुंझुनूं में भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी तेज बहाव के साथ बहता नजर आया और कई वाहन प्रभावित हुए। गुजरात के पालनपुर में भारी बारिश के कारण पालनपुर-अंबाजी नेशनल हाईवे पर करीब एक फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। उत्तराखंड में देहरादून-मसूरी मार्ग पर लैंडस्लाइड के बाद सड़क पर मलबा आने से दोनों ओर करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। राज्य के नौ जिलों में 67 सड़कों के बंद होने की जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार चार दिनों से तेज बारिश जारी है, जबकि हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण 204 सड़कें बंद बताई गई हैं। हिमाचल प्रदेश के राजगढ़ में बारिश के बीच तीन मंजिला मकान ढहने से घर में मौजूद मां और बेटी की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बरसाती नदी में अचानक बाढ़ आने से शाहपुर गाड़ा नदी पर बना पुल भी पानी में डूब गया, इसके बावजूद लोगों के पुल पार करने की तस्वीरें सामने आईं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में प्रशासन के सामने जलभराव, सड़क बंद होने, ट्रैफिक और राहत-बचाव की चुनौतियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित इलाकों में जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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