राजस्थान में मानसून की बेरुखी जारी, श्रीगंगानगर 40°C पर सबसे गर्म; 2 सितंबर से फिर बारिश के आसार
1 सितंबर तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान, बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर सिस्टम सक्रिय होने के बाद 2 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का इंतजार जारी है। रविवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पिलानी, चूरू, फलोदी, बीकानेर और जैसलमेर में भी तापमान 35 डिग्री से ऊपर रहा। हालांकि बाड़मेर, अजमेर, जयपुर, उदयपुर, कोटा और जोधपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से नीचे रहा और हल्की हवा के कारण कुछ इलाकों में उमस से राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 1 सितंबर तक राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट के पास बने नए लो-प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से 2 सितंबर से मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। इस सिस्टम के और मजबूत होने की संभावना जताई गई है, जिससे राजस्थान समेत मानसून के कोर-जोन वाले राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल मानसून ट्रफ अमृतसर, मुजफ्फरनगर, बरेली, गोरखपुर, पटना और जमशेदपुर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक प्रभावी बताई गई है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से करीब 22 फीसदी कम बारिश दर्ज होने की बात सामने आई है, हालांकि अलग-अलग जिलों की स्थिति अलग है। अजमेर में अब तक 419 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य 385 मिमी के मुकाबले करीब 8 फीसदी अधिक है। जयपुर में अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 25.8 डिग्री रहा, जबकि कोटा में अधिकतम 33 और न्यूनतम 24.8 डिग्री दर्ज किया गया। जोधपुर में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री और अलवर में 34.8 डिग्री रहा। उदयपुर में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री दर्ज हुआ और पिछले करीब दो सप्ताह से बारिश नहीं होने की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सितंबर की शुरुआत में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि इसके बाद कुछ इलाकों में फिर गर्मी और उमस का असर देखने को मिल सकता है।




