जयपुर में पत्रकारों का सम्मान: दीया कुमारी बोलीं- ग्राउंड रिपोर्टर्स जोखिम उठाकर जनता की आवाज सामने ला रहे
भास्कर-गूगल के न्यूज ट्रेनिंग एवं सम्मान समारोह में राजस्थान की 30 और बिहार की 12 बेहतरीन स्टोरीज को सम्मान; ग्राउंड रिपोर्टिंग, फैक्ट चेकिंग और डिजिटल पत्रकारिता पर हुई चर्चा

जयपुर। दैनिक भास्कर और गूगल के सहयोग से जयपुर के होटल ललित में न्यूज ट्रेनिंग एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान और बिहार के ग्राउंड रिपोर्टर्स को उनकी उल्लेखनीय पत्रकारिता और बेहतर स्टोरीज के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने ग्राउंड पर काम करने वाले पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार कई बार जोखिम उठाकर आम लोगों की समस्याओं और जमीनी सच्चाई को सामने लाते हैं।
राजस्थान की 30 और बिहार की 12 स्टोरीज को सम्मान
समारोह के दौरान राजस्थान की 30 उत्कृष्ट स्टोरीज के लिए 34 पत्रकारों को सम्मानित किया गया। वहीं बिहार की 12 बेहतरीन स्टोरीज के लिए स्थानीय पत्रकारों को सम्मान मिला।
कार्यक्रम में दैनिक भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल, गूगल इंडिया न्यूज पार्टनरशिप की हेड दुर्गा रघुनाथ, गूगल न्यूज पार्टनरशिप से जुड़े नितिन, दैनिक भास्कर ऐप के सीईओ पथिक शाह और राजस्थान के स्टेट एडिटर किरण राजपुरोहित सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दीया कुमारी बोलीं- ग्राउंड की आवाज सरकार तक पहुंचती है
दीया कुमारी ने कहा कि डिजिटल न्यूज के माध्यम से उन्हें प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से जमीनी समस्याओं की जानकारी मिलती है। कई बार खबरों के आधार पर अधिकारियों को संबंधित समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के दौर में खबरें तेजी से फैलती हैं। ऐसे समय में तथ्यपरक और विश्वसनीय पत्रकारिता की जरूरत और बढ़ गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राउंड रिपोर्टर्स जनता की समस्याओं को सामने लाने के लिए कई बार कठिन परिस्थितियों में भी काम करते हैं। उन्होंने सम्मानित पत्रकारों को उनके कार्य के लिए बधाई दी।
‘पत्रकार एक सैनिक की तरह निभा रहे जिम्मेदारी’
दैनिक भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह एक सैनिक अपने कर्तव्य का निर्वहन करता है, उसी तरह पत्रकार भी अपने क्षेत्र में जनता के प्रति जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दैनिक भास्कर और गूगल के सहयोग से गांवों और छोटे कस्बों तक ग्राउंड रिपोर्टिंग को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय स्तर की समस्याओं को सामने लाकर उन्हें प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
खबर की गति के साथ विश्वसनीयता भी जरूरी
गिरीश अग्रवाल ने न्यूज फैक्ट चेकिंग और डिजिटल पत्रकारिता को लेकर कहा कि किसी घटना के बाद खबर जल्द लोगों तक पहुंचे, लेकिन उसके तथ्य विश्वसनीय होना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने बताया कि पत्रकारों को इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनका कहना था कि खबरों के जरिए अफवाहों और भ्रांतियों को तथ्यों के आधार पर दूर करने का प्रयास किया जाता है।
‘पाठक सबसे महत्वपूर्ण’
गूगल की इंडिया न्यूज पार्टनरशिप की हेड दुर्गा रघुनाथ के साथ संवाद के दौरान गिरीश अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए यूजर महत्वपूर्ण है, उसी तरह पत्रकारिता के लिए पाठक सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि खबर तैयार करते समय लोगों की जरूरत, उनकी परेशानी और जमीनी परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसी खबरों का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि संबंधित समस्या को प्रशासन तक पहुंचाना और उसके समाधान की दिशा में प्रयास करना भी है।
गांव-ढाणी तक डिजिटल पत्रकारिता पहुंचाने पर जोर
दुर्गा रघुनाथ ने बताया कि कुछ वर्ष पहले गांव-ढाणी तक न्यूज रिपोर्टिंग को मजबूत करने को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। अब दोनों संस्थानों के सहयोग से इस दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
दैनिक भास्कर डिजिटल के स्टेट हेड किरण राजपुरोहित ने भी ग्राउंड रिपोर्टर्स की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय पत्रकार लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं और गांव-कस्बों की समस्याओं को व्यापक स्तर पर सामने ला रहे हैं।
सम्मानित हुए ग्राउंड रिपोर्टर्स
समारोह में राजस्थान और बिहार से आए पत्रकारों को उनकी बेहतरीन ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता की गुणवत्ता, फैक्ट चेकिंग, डिजिटल न्यूज और स्थानीय स्तर की रिपोर्टिंग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम का संचालन दैनिक भास्कर के स्टेट वीडियो हेड अमित शर्मा ने किया।



