सिरसा नगर परिषद के वाइस चेयरमैन का चुनाव जल्द
बीजेपी जिलाध्यक्ष बोले- सभी नगर परिषदों में एक साथ होंगे चुनाव, पैनल भेजा हुआ; पार्षदों ने भी जल्द चुनाव करवाने की मांग उठाई

सिरसा। सिरसा नगर परिषद के वाइस चेयरमैन का चुनाव करीब छह माह से लंबित है। अब 15 अगस्त के बाद चुनाव करवाए जाने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव को लेकर नगर परिषद के पार्षदों में भी सक्रियता बढ़ गई है और संभावित दावेदार नेताओं से सिफारिश में जुटे हुए हैं।
प्रदेश की कई नगर परिषदों में वाइस चेयरमैन के चुनाव लंबित हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा की नई कार्यकारिणी के गठन और संगठन विस्तार के चलते भी चुनाव प्रक्रिया में देरी हुई है। पार्टी और संगठन स्तर पर अलग-अलग नगर परिषदों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा हो चुकी है, हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की सभी नगर परिषदों में वाइस चेयरमैन के चुनाव एक साथ करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सिरसा के लिए उम्मीदवारों का पैनल पहले ही भेजा जा चुका है।
भाजपा नेता एवं हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रोहताश जांगड़ा ने भी संकेत दिया कि 15 अगस्त के बाद इसी माह के अंत तक चुनाव होने के आसार हैं। दूसरी ओर, कई पार्षदों की मांग है कि चुनाव को अब और लंबित नहीं किया जाना चाहिए।
भाजपा और कांडा गुट में अपने उम्मीदवार को लेकर खींचतान
सिरसा नगर परिषद में वाइस चेयरमैन पद को लेकर भाजपा और कांडा गुट के बीच राजनीतिक खींचतान पहले भी सामने आ चुकी है। भाजपा अपने पार्षदों में से उम्मीदवार उतारना चाहती है, जबकि कांडा गुट भी अपने समर्थक को वाइस चेयरमैन बनाने की कोशिश में है।
नगर परिषद के चेयरमैन वीर शांति स्वरूप एनडीए समर्थित हैं। ऐसे में भाजपा संगठन की ओर से वाइस चेयरमैन पद अपने पक्ष में रखने की कोशिश की जा रही है। इसी मुद्दे पर पिछली बार सहमति नहीं बन पाई थी। चुनाव को लेकर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी भी सिरसा पहुंचे थे, लेकिन किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनने के बाद चुनाव अचानक स्थगित कर दिया गया था।
भाजपा और कांडा परिवार के बीच दूरी बढ़ने की चर्चा
इन दिनों भाजपा नेताओं और कांडा परिवार के बीच राजनीतिक दूरी की चर्चाएं भी चल रही हैं। भाजपा के कई कार्यक्रमों में गोबिंद कांडा की गैरमौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
करीब छह माह पहले भाजपा और कांडा गुट से जुड़े पार्षदों ने एकजुट होकर शक्ति प्रदर्शन किया था, लेकिन अब दोनों पक्षों के बीच पहले जैसी एकजुटता नजर नहीं आ रही। ऐसे में वाइस चेयरमैन चुनाव के दौरान दोनों गुटों के पार्षदों का एकजुट रहना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस के 10 पार्षद, प्रशासन को चुनाव जल्द करवाने की मांग
नगर परिषद में कांग्रेस के 10 पार्षद हैं और दो निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया जा रहा है। वहीं भाजपा और कांडा गुट से करीब 20 पार्षद ऐसे बताए जा रहे हैं, जो कमल के निशान पर चुनाव जीतकर आए हैं।
भाजपा की ओर से इन्हीं पार्षदों में से तीन नामों का पैनल भेजे जाने की बात सामने आई है। दूसरी ओर कांग्रेस पार्षद गोपी राम सैनी ने प्रशासन को पत्र लिखकर वाइस चेयरमैन का चुनाव जल्द करवाने की मांग की है। वे विधायक गोकुल सेतिया से भी मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा कर चुके हैं।
अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि प्रदेश की नगर परिषदों के साथ सिरसा में वाइस चेयरमैन का चुनाव कब करवाया जाता है और भाजपा किस नाम पर अंतिम मुहर लगाती है।



