यूपी के 75 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 11 नदियां उफान पर; हिमाचल में 114 सड़कें बंद
यूपी से ओडिशा और हिमाचल से उत्तराखंड तक बारिश-बाढ़ का असर; हजारों लोग प्रभावित, कई इलाकों में सड़कें जलमग्न और यातायात बाधित

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है और भारी बारिश के कारण बाढ़, जलभराव, लैंडस्लाइड तथा सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना और शारदा समेत 11 नदियां उफान पर हैं और राज्य के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से 100 से ज्यादा छोटे मंदिर पानी में डूब गए हैं, जबकि उन्नाव में कई निचले इलाकों की गलियों में नाव चलाने की स्थिति बन गई है। राज्य के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर पहुंचने के कारण प्रशासन को सतर्क किया गया है। मध्य प्रदेश में भी मानसून का नया दौर शुरू हो गया है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मौसम प्रणाली सक्रिय रहने के कारण 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान में भी जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और बीकानेर समेत 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ लैंडस्लाइड ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिलासपुर-सोलन सीमा के पास कई स्थानों पर भूस्खलन के बाद 114 सड़कें बंद हो गईं। राज्य में मानसून की शुरुआत से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 78 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। ओडिशा में लगातार दो दिनों की भारी बारिश के बाद छह जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। प्रशासन ने 41 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, सुंदरगढ़ तथा क्योंझर के 429 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बिहार के समस्तीपुर में गंगा की सहायक नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 10 गांवों की लगभग 50 हजार आबादी प्रभावित बताई जा रही है और कई बच्चे नाव के जरिए स्कूल जाने को मजबूर हैं। झारखंड के पलामू में कोयल नदी में बाढ़ आने के बाद निचले इलाकों में पानी भर गया है। हरियाणा के करनाल में भी शुक्रवार दोपहर हुई तेज बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में तेज बारिश के साथ धुंध छाने से दृश्यता 50 मीटर से भी नीचे पहुंच गई। वहीं उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण थल-मुनस्यारी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई और मलबा जमा होने से आवाजाही प्रभावित हुई। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की जा रही है। लगातार बारिश के कारण आने वाले दिनों में जलस्तर और सड़क यातायात की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।



