30 साल के करियर में संजय मिश्रा को पहला नेशनल अवॉर्ड: ‘भक्षक’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का सम्मान; बिहार की 4 हस्तियों को राष्ट्रपति देंगी पुरस्कार
‘भक्षक’ में पत्रकार भास्कर सिन्हा की भूमिका के लिए मिला सम्मान; ‘काकोरी’ के निर्देशक-निर्माता और हिंदी फिल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव भी होंगे सम्मानित

पटना। बिहार के चर्चित अभिनेता संजय मिश्रा को मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया जाएगा। करीब 30 साल के फिल्मी करियर में यह उनका पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है। उनके साथ बिहार से जुड़ी तीन अन्य फिल्म हस्तियों को भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी।
गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित समारोह में संजय मिश्रा के अलावा निर्देशक कमलेश कुमार मिश्रा, निर्माता मीनती मिश्रा और फिल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव को भी वर्ष 2024 के लिए घोषित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
‘भक्षक’ के लिए संजय मिश्रा को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड
संजय मिश्रा को फिल्म ‘भक्षक’ में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया जाएगा। इस श्रेणी में उन्हें रजत कमल से सम्मानित किया जाएगा।
फिल्म में उन्होंने भास्कर सिन्हा नाम के जमीनी और संवेदनशील पत्रकार की भूमिका निभाई है। सामाजिक मुद्दे और सच को सामने लाने वाले इस किरदार को उन्होंने संवाद और अभिनय के जरिए प्रस्तुत किया।
30 साल से फिल्मों में सक्रिय
संजय मिश्रा करीब तीन दशक से भारतीय सिनेमा में सक्रिय हैं। उन्होंने कॉमेडी, भावनात्मक और गंभीर भूमिकाओं में काम किया है। अलग-अलग तरह के किरदारों के जरिए उन्होंने फिल्म जगत में अपनी पहचान बनाई।
दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड के नारायणपुर गांव से जुड़े संजय मिश्रा की इस उपलब्धि से उनके गांव और मिथिलांचल क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है। बचपन में उन्हें परिवार और गांव में प्यार से ‘घूटन’ नाम से पुकारा जाता था।
पटना में हुई शुरुआती पढ़ाई
संजय मिश्रा के पिता स्वर्गीय शंभुनाथ मिश्रा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में कार्यरत थे और पत्रकारिता से भी जुड़े रहे। संजय का बचपन पटना, बनारस और दिल्ली में बीता।
उनकी शुरुआती शिक्षा पटना के सेंट जेवियर्स हाई स्कूल में हुई। इसके बाद पिता के तबादलों के कारण उनका बचपन बनारस में भी गुजरा।
‘काकोरी’ के लिए कमलेश और मीनती मिश्रा को पुरस्कार
गोपालगंज के हथुआ प्रखंड के सिंगहा गांव से जुड़े निर्देशक कमलेश कुमार मिश्रा और निर्माता मीनती मिश्रा की फिल्म ‘काकोरी’ को सर्वश्रेष्ठ जीवनी/ऐतिहासिक पुनर्निर्माण/संकलन फिल्म की श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए चुना गया है।
फिल्म 1925 की काकोरी रेल कार्रवाई की ऐतिहासिक घटना पर आधारित है। फिल्म निर्माण के दौरान ऐतिहासिक दस्तावेजों, किताबों, पुराने अखबारों और इतिहासकारों से मिली जानकारी का इस्तेमाल किया गया।
संजीव श्रीवास्तव को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का सम्मान
मुजफ्फरपुर से जुड़े फिल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक (हिंदी) का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस श्रेणी में उनका चयन किया गया है और उन्हें स्वर्ण कमल तथा निर्धारित नकद पुरस्कार मिलेगा।
संजीव श्रीवास्तव लंबे समय से पत्रकारिता और फिल्म लेखन से जुड़े हैं। उनका पैतृक संबंध बिहार के सीतामढ़ी से है और वे करीब ढाई दशक से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं।
बिहार की चार हस्तियों को सम्मान
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में बिहार से जुड़े चार नाम सम्मानित होंगे—अभिनेता संजय मिश्रा, निर्देशक कमलेश कुमार मिश्रा, निर्माता मीनती मिश्रा और फिल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव। इन पुरस्कारों को राज्य की फिल्म और मीडिया जगत से जुड़ी प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।



