आठ माह में 21 हजार लाड़ली बहना हुईं अपात्र: 3 साल में 6.26 लाख नाम सूची से बाहर, नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया बंद
मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना में जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 21,150 नाम कम हुए। तीन साल में करीब 6.26 लाख महिलाएं पात्र सूची से बाहर हुईं, जबकि नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया फिलहाल बंद है।

भोपाल। मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या लगातार कम हो रही है। उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से 1 सितंबर 2026 के बीच 21 हजार 150 महिलाएं योजना की पात्र सूची से बाहर हुई हैं।
जनवरी 2026 में योजना में 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार पात्र हितग्राही थे। सितंबर तक यह संख्या घटकर 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 रह गई।
तीन साल में 6.26 लाख नाम हुए कम
योजना की शुरुआत के बाद से अब तक करीब 6 लाख 26 हजार महिलाओं के नाम पात्र सूची से हटाए जा चुके हैं।
अक्टूबर 2023 में योजना में 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 महिलाएं शामिल थीं। इसके बाद पात्रता की शर्तों और अन्य कारणों से हितग्राहियों की संख्या धीरे-धीरे कम होती गई।
शुरुआती प्रक्रिया में आपत्तियों के आधार पर 2 लाख 18 हजार 858 नाम हटाए गए थे। इसके बाद पात्र हितग्राहियों की संख्या करीब 1 करोड़ 29 लाख 5 हजार 457 रह गई थी।
नए नाम नहीं जुड़ रहे
योजना में फिलहाल नए हितग्राहियों को जोड़ने की प्रक्रिया नहीं चल रही है। दूसरी ओर, पात्रता की शर्तें पूरी न करने वाली महिलाओं के नाम सूची से हटते जा रहे हैं।
इस वजह से योजना के हितग्राहियों की संख्या 2023 के बाद बढ़ने के बजाय लगातार घट रही है।
60 साल की उम्र पूरी होने पर नाम हटाया जा रहा
विभागीय अधिकारियों के अनुसार लाड़ली बहना योजना में अधिकतम पात्रता उम्र 60 वर्ष है। जो महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूरी कर रही हैं, उनके नाम पात्र सूची से हटाए जा रहे हैं।
इसके अलावा हितग्राही की मृत्यु होने या अन्य पात्रता शर्तें पूरी नहीं होने की स्थिति में भी नाम सूची से बाहर किए जाते हैं।
पांच साल में 3 हजार रुपए तक राशि बढ़ाने का फैसला
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। उस समय पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए दिए जाते थे। सरकार ने योजना की राशि को पांच साल में बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रतिमाह करने का निर्णय लिया था।
योजना शुरू होने के कुछ महीने बाद ही मासिक राशि बढ़ाकर 1,250 रुपए कर दी गई। इसके बाद नवंबर 2025 से इसमें 250 रुपए की और बढ़ोतरी की गई। फिलहाल पात्र महिलाओं को 1,500 रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं।
साल के अंत तक और घट सकती है संख्या
उम्र और अन्य पात्रता शर्तों के आधार पर हितग्राहियों की समीक्षा जारी है। ऐसे में दिसंबर 2026 के अंत तक योजना में शामिल महिलाओं की संख्या और कम होने की संभावना जताई जा रही है।
योजना में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण आने वाले समय में पात्र हितग्राहियों की संख्या में होने वाली कमी को नए आवेदनों से संतुलित करना संभव नहीं होगा।




