बीकानेर में छत से कूदकर 6 बाल अपचारी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
तीन की उम्र 18 साल से अधिक, मेन गेट का ताला और चाबियों का गुच्छा भी ले गए; ड्यूटी पर तैनात 2 गार्डों पर FIR

बीकानेर में गजनेर पुल के पास एमएस कॉलेज के सामने स्थित संप्रेषण गृह से रात के समय छह बाल अपचारी सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर फरार हो गए। सभी करीब 10 फीट ऊंची छत की दीवार से कूदकर गली में पहुंचे और वहां से निकल गए। फरार बाल अपचारियों में तीन की उम्र 18 साल से अधिक बताई जा रही है। घटना के समय परिसर में चार सुरक्षा गार्ड तैनात थे, लेकिन इसके बावजूद किसी को भनक तक नहीं लगी और सभी आसानी से बाहर निकल गए। मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने फरार बाल अपचारियों की तलाश शुरू कर दी है। परिवीक्षा एवं कारागृह कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी की रिपोर्ट पर फरार बाल अपचारियों के साथ ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा गार्ड मो. हारून और फिरोज के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार 3 सितंबर की रात संप्रेषण गृह में कुल 26 बाल अपचारी मौजूद थे, जिनमें 14 को सुरक्षित स्थान और 12 को संप्रेषण गृह में रखा गया था। रात करीब 11 बजे गार्ड के खाना खाने के बाद वापस लौटने के दौरान सुरक्षित स्थान के पांच और संप्रेषण गृह का एक बाल अपचारी छत पर पहुंच गया। इसके बाद सभी ने छत की करीब 10 फीट ऊंची दीवार से गली की तरफ छलांग लगाई और फरार हो गए। बताया जा रहा है कि भागते समय सभी मेन गेट का ताला और चाबियों का गुच्छा भी अपने साथ ले गए। घटना के दौरान दोनों स्थानों के ताले खुले होने और परिसर में सुरक्षा गार्ड मौजूद होने के बावजूद छह बाल अपचारियों का छत तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक की ओर इशारा करता है। यही वजह है कि मामले में सुरक्षा गार्डों की लापरवाही के साथ संभावित मिलीभगत की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। फरार बाल अपचारियों में नकबजनी के मामले में आरोपी एक युवक को इस पूरी घटना का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो चुकी है और आशंका जताई जा रही है कि उसी ने अन्य बाल अपचारियों के साथ मिलकर फरारी की योजना तैयार की। पुलिस के सामने अब सभी छह फरार बाल अपचारियों को तलाश कर वापस लाने की चुनौती है। खास बात यह है कि संप्रेषण गृह की छत पर भी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद सभी आरोपी वहां तक पहुंचने में सफल रहे और फिर ऊंची दीवार से कूदकर बाहर निकल गए। इस घटना ने संप्रेषण गृह की निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सदर थाना पुलिस फरार बाल अपचारियों की तलाश के साथ-साथ यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की भूमिका क्या रही। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




