चीन ने AI डेवलपमेंट धीमा करने की मांग को बताया अमेरिकी चाल: एंथ्रोपिक CEO बोले- रफ्तार कम करना जरूरी, चीन ने कहा- टेक्नोलॉजी रोकने की साजिश
एंथ्रोपिक CEO डारियो अमोदेई के AI विकास धीमा करने के सुझाव पर चीन ने जताई आपत्ति; ग्लोबल टाइम्स ने इसे अमेरिकी तकनीकी बढ़त बनाए रखने की रणनीति बताया

AI की सुरक्षा को लेकर अमेरिका में बहस तेज; चीन का आरोप- सुरक्षा के नाम पर तकनीकी बढ़त बनाए रखना चाहता है अमेरिका
बीजिंग/वॉशिंगटन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास की रफ्तार को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बहस तेज होती नजर आ रही है। एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई के AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी करने के सुझाव पर चीन ने इसे अमेरिकी रणनीति करार दिया है।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अमोदेई के प्रस्ताव को ‘कोल्ड वॉर प्लेबुक’ बताते हुए आरोप लगाया कि सुरक्षा के नाम पर AI के विकास को धीमा करने की मांग का मकसद चीन की तकनीकी प्रगति को रोकना और अमेरिकी तकनीकी बढ़त बनाए रखना है।
डारियो अमोदेई ने AI की रफ्तार कम करने की बात कही
एंथ्रोपिक CEO डारियो अमोदेई ने अपने एक लेख में AI के विकास की रफ्तार को कुछ धीमा करने की जरूरत बताई। उनका तर्क है कि AI से जुड़े संभावित खतरों को समझने और उनसे निपटने के लिए कंपनियों और सरकारों को पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
इस विचार का समर्थन OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और xAI के मालिक इलॉन मस्क ने भी किया है।
अमोदेई ने अमेरिकी सरकार से चीन को भेजी जाने वाली कंप्यूटर चिप्स पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग भी की। उन्होंने AI मॉडल डिस्टिलेशन पर रोक लगाने की बात कही।
क्या है मॉडल डिस्टिलेशन?
मॉडल डिस्टिलेशन ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी महंगे और एडवांस्ड AI मॉडल से सवाल-जवाब के जरिए प्राप्त जानकारी का इस्तेमाल कम लागत और कम समय में दूसरा AI मॉडल तैयार करने के लिए किया जाता है।
स्रोत के मुताबिक, चीन की कई AI लैब्स इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। अमोदेई ने माना कि अगर अमेरिका AI विकास की रफ्तार कम करता है लेकिन चीन ऐसा नहीं करता, तो यह अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
चीन ने कहा- AI सिस्टम से अलग करने की कोशिश
ग्लोबल टाइम्स ने अमोदेई के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। अखबार के मुताबिक, AI सुरक्षा और नियमों का मुद्दा उठाकर चीन के टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट को रोकने की कोशिश की जा रही है।
चीनी अखबार ने इसे एक तरह का ‘AI कोल्ड वॉर’ बताया और कहा कि AI के विकास से चीन को अलग करने का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
अखबार ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए एक कार्टून भी प्रकाशित किया, जिसमें अंकल सैम को ओपन-सोर्स AI के रास्ते में दीवार खड़ी करते दिखाया गया है।
ट्रम्प बोले- AI रेस में अमेरिका आगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने AI डेवलपमेंट की रफ्तार कम करने की मांग को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अनावश्यक डर पैदा कर रहे हैं।
ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका AI के क्षेत्र में चीन से आगे है और वह इस बढ़त को बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने AI की दौड़ को वैश्विक शक्ति से जोड़ते हुए कहा कि जो AI की रेस जीतेगा, वही दुनिया पर राज करेगा।
ट्रम्प-शी जिनपिंग बैठक में उठ सकता है AI का मुद्दा
अमेरिका और चीन के अधिकारी इसी महीने AI से जुड़े खतरों और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने वाले हैं।
24 सितंबर को प्रस्तावित समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच भी AI को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
AI के तेजी से विकास, तकनीकी प्रतिबंधों, चिप्स की सप्लाई और सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकते हैं।




