छत्तीसगढ़ में ‘डिबेट पॉलिटिक्स’: बघेल-शर्मा के बाद बैज-जायसवाल आमने-सामने, PM आवास से कोल माइंस और अस्पतालों तक पहुंची बहस
PM आवास योजना पर बघेल-शर्मा की बहस के बाद तीन नए चैलेंज; कोल माइंस, झीरम घाटी और सरकारी अस्पताल बने राजनीतिक मुद्दे

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच नेताओं के बीच सार्वजनिक बहस की चुनौतियां सामने आ रही हैं। पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री आवास योजना, कोल माइंस, झीरम घाटी और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने एक-दूसरे को खुले मंच पर बहस की चुनौती दी है।
इस सिलसिले की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर हुई बहस से हुई। इसके बाद अलग-अलग मुद्दों पर नेताओं की ओर से बहस के प्रस्ताव सामने आए।
PM आवास पर 80 मिनट आमने-सामने रहे बघेल-शर्मा
15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में भूपेश बघेल और विजय शर्मा के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर करीब 80 मिनट तक चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने योजना की स्वीकृति, निर्माण और आंकड़ों को लेकर अपने-अपने पक्ष रखे।
बघेल ने सरकार की ओर से बताए जा रहे आंकड़ों और आवास निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाए। वहीं विजय शर्मा ने स्वीकृत और पूर्ण हो चुके आवासों से संबंधित आंकड़े सामने रखे। दोनों पक्षों ने पिछली और वर्तमान सरकार के कार्यकाल से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया।
बहस के बाद प्रेस क्लब के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की स्थिति बनी। पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान धक्का-मुक्की भी हुई और एक सब-इंस्पेक्टर की शर्ट का बटन व बैच टूटने की जानकारी सामने आई।
बघेल ने CM साय को कोल माइंस पर चुनौती दी
प्रधानमंत्री आवास योजना पर बहस के दो दिन बाद, 17 सितंबर को भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कोल माइंस के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती दी।
बघेल ने सरगुजा के कोल ब्लॉक और हसदेव क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर दस्तावेजों और तथ्यों के साथ चर्चा की बात कही। प्रस्तावित बहस की तारीख और मंच अभी तय नहीं हुआ है।
झीरम घाटी पर विजय शर्मा ने बघेल को दिया चैलेंज
इसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को झीरम घाटी मामले पर बहस की चुनौती दी। 19 सितंबर को शर्मा ने कहा कि बघेल चाहें तो तैयारी के लिए एक महीने का समय ले सकते हैं और उसके बाद दोनों इस मुद्दे पर आमने-सामने चर्चा कर सकते हैं।
झीरम मामले में अदालत के फैसले के बाद जांच और साक्ष्यों को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों के बीच यह चुनौती सामने आई।
अब सरकारी अस्पतालों पर बैज-जायसवाल के बीच बहस
21 सितंबर को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर खुली बहस की चुनौती दी।
बैज ने प्रस्ताव रखा कि दोनों किसी सरकारी अस्पताल में जाकर वहां की वास्तविक स्थिति देखें और उसी स्थान पर अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर चर्चा करें। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने चुनौती स्वीकार करते हुए अस्पताल का चयन बैज से करने को कहा है।
हालांकि, दोनों नेताओं के बीच बहस की तारीख और अस्पताल अभी तय नहीं हुआ है।
चार मुद्दे, अलग-अलग बहस के प्रस्ताव
पिछले एक सप्ताह में छत्तीसगढ़ की राजनीति में चार प्रमुख बहस के प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें PM आवास योजना पर भूपेश बघेल और विजय शर्मा की बहस हो चुकी है।
वहीं कोल माइंस पर भूपेश बघेल और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, झीरम घाटी पर विजय शर्मा और भूपेश बघेल तथा सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर दीपक बैज और श्याम बिहारी जायसवाल के बीच प्रस्तावित बहस की तारीख और मंच तय होना बाकी है।
इन बहसों के जरिए दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दों और दावों को सार्वजनिक रूप से रखने की तैयारी में दिखाई दे रहे हैं।




