देश के कई राज्यों में बारिश का कहर: केदारनाथ रूट पर लैंडस्लाइड से यात्रा रुकी, बिहार के 14 जिलों में बाढ़
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से एक की मौत, केदारनाथ यात्रा रोकी गई; बिहार में 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में, राजस्थान-एमपी और यूपी में भी भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से एक व्यक्ति की मौत, केदारनाथ पैदल मार्ग पर करीब 1,000 यात्री फंसे; बिहार में 48 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित
नई दिल्ली, 13 सितम्बर। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा रहा है। उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़क और यातायात व्यवस्था बाधित हुई है, जबकि नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
केदारनाथ रूट पर लैंडस्लाइड, यात्रा रोकी गई
उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। केदारनाथ के चीरबासा हेलिपैड के पास पहाड़ से चट्टानें गिरने की घटना में 65 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी लैंडस्लाइड होने के बाद यात्रा रोक दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक भीमबली और केदारनाथ के बीच करीब 1,000 यात्री फंसे हुए हैं। इनमें कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है।
उत्तरकाशी के विभिन्न इलाकों में भी पहाड़ों से मलबा और चट्टानें सड़क पर आने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
बिहार के 14 जिलों में बाढ़, 48 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों के करीब 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। बाढ़ से 48 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
राज्य की कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण भागलपुर समेत कई इलाकों में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
गंगा में फंसा क्रूज, 11 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया
गंगा का जलस्तर बढ़ने से कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल क्रूज भागलपुर में कई दिनों से फंसा हुआ था। क्रूज पर सवार 9 विदेशी नागरिकों समेत 11 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घाटों के डूबने के कारण स्थानीय लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्थान में 36 जिलों में बारिश का अलर्ट
राजस्थान में भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 36 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम का असर 16 सितम्बर तक बने रहने की संभावना है।
रविवार को झालावाड़ और बांसवाड़ा में एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश में कई मानसूनी सिस्टम सक्रिय
मध्य प्रदेश में भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में मानसून सिस्टम सक्रिय होने से कई जिलों में तेज बारिश हुई।
भोपाल समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश जारी रही। बड़वानी में नदी-नाले उफान पर आने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ी।
चंबल नदी में पिता-पुत्र की डूबने से मौत
मुरैना में चंबल नदी में नहाने के दौरान पिता और पुत्र की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने बचाव अभियान चलाया।
वहीं टीकमगढ़ में भारी बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोले गए, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा के जलस्तर में वृद्धि से बड़ी संख्या में गांव प्रभावित हुए हैं।
उन्नाव में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई गांवों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ रही है।
लखीमपुर खीरी में नाले में महिला को मगरमच्छ द्वारा खींचे जाने की घटना भी सामने आई है।
हरियाणा में भी बारिश का दौर जारी
हरियाणा में मानसून के फिर सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। करनाल, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद और यमुनानगर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
यमुनानगर में भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 17 सितम्बर तक मौसम में बदलाव और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार बारिश और बाढ़ के बीच प्रशासन की ओर से लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और आपात स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की गई है।




