FRO परीक्षा में धांधली की जांच में बड़े खुलासे
CID-FSL जांच में डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि का दावा; मोबाइल से OMR की तस्वीरें और स्ट्रॉन्ग रूम से कॉपी बाहर निकालने का वीडियो मिलने की बात

रांची। फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID को जांच रिपोर्ट में कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। CID और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की जांच के अनुसार परीक्षा कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL से जुड़े रहे रक्षक सिंह की भूमिका सामने आई है।
जांच के मुताबिक परीक्षा समाप्त होने के बाद बारकोड लगी मूल उत्तरपुस्तिका रक्षक सिंह को TDPL परिसर में उपलब्ध कराई गई। आरोप है कि इसके बाद उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल ChatGPT की मदद से उत्तर तैयार किए और खाली उत्तरपुस्तिकाओं में उन्हें भरकर जमा कराया।
स्ट्रॉन्ग रूम से कॉपी निकालने का वीडियो
CID के अनुसार रक्षक सिंह के मोबाइल फोन से FRO मुख्य परीक्षा की प्रश्नपत्र/उत्तरपुस्तिका को स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकाले जाने से संबंधित वीडियो मिला है। FSL जांच में इस डिजिटल सामग्री की सत्यता की पुष्टि किए जाने की बात कही गई है।
जांच एजेंसी के मुताबिक मोबाइल फोन की गैलरी में FRO परीक्षा की OMR शीट की कार्बन कॉपी और कैंडिडेट कॉपी की तस्वीरें भी मिलीं। इन तस्वीरों में मौजूद रिकॉर्ड का TDPL सर्वर से बरामद मूल OMR से मिलान कराया गया। CID के अनुसार दोनों रिकॉर्ड में दर्ज उत्तरों में महत्वपूर्ण समानता मिली।
खाली OMR शीट भरने का भी आरोप
पूछताछ में रक्षक सिंह ने कथित तौर पर बताया कि उसे रणवीर सिंह से निर्देश मिले थे कि परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी केवल उन्हीं सवालों को हल करें, जिनके जवाब उन्हें निश्चित रूप से आते हों। बाकी OMR शीट खाली छोड़ने को कहा गया था।
CID के अनुसार परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की OMR की कार्बन कॉपी रणवीर को दी गई। बाद में FRO प्रारंभिक परीक्षा की खाली OMR शीट TDPL कार्यालय में प्रदीप सिंह और दो अन्य लोगों द्वारा भरे जाने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार इस प्रक्रिया का वीडियो भी रक्षक सिंह के मोबाइल से मिला है।
तीन सफल अभ्यर्थियों से संपर्क की जांच
CID के तकनीकी विश्लेषण में रक्षक सिंह के मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड से तीन अन्य सफल अभ्यर्थियों के साथ उसके संपर्क की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। FSL रिपोर्ट से डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की पुष्टि होने का दावा किया गया है।
अब जांच एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और रक्षक सिंह के संपर्क में रहे इन अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
फरार आरोपी लालू यादव पर भी कार्रवाई की तैयारी
CID ने विशेष अदालत में फरार आरोपी लालू यादव के खिलाफ भी साक्ष्य पेश किए हैं। TDPL के गिरफ्तार मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी के बयान के अनुसार लालू यादव कथित तौर पर एजेंट के रूप में अभ्यर्थियों से संपर्क और परीक्षा में सेटिंग कराने का काम करता था।
जांच के दौरान लालू के ठिकाने से अभय तिवारी के हस्ताक्षर वाला 8 लाख रुपए का चेक, कई खाली चेक और अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपियां मिलने की बात सामने आई है। तकनीकी जांच में लालू द्वारा UPI के जरिए अभय तिवारी को 1.40 लाख रुपए भेजे जाने का भी उल्लेख है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है।
JSSC-CGL मामले में भी पूछताछ
इधर JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच भी जारी है। CID ने धनबाद के गिरफ्तार सफल अभ्यर्थियों दीपक कुमार और विजय कुमार तिवारी को 48 घंटे की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। रिमांड पूरी होने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में कथित परीक्षा सिंडिकेट, पेपर के बदले लेन-देन और भुगतान के माध्यम से जुड़ी जानकारियां जुटाने का प्रयास किया गया।
400 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ
CID ने FRO परीक्षा की मेरिट लिस्ट में शामिल संदिग्ध अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग भी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी के अनुसार अब तक करीब 400 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है।
सोमवार को 25 और अभ्यर्थियों को नोटिस देकर बुलाया गया। उनसे परीक्षा की तैयारी, परीक्षा केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं और संदिग्ध लोगों से संपर्क के बारे में जानकारी ली गई। कुछ अभ्यर्थियों को संदिग्ध व्यक्तियों की तस्वीरें दिखाकर पहचान कराने की प्रक्रिया भी अपनाई गई।




