जसविंद्र सिंह खालसा को श्री हजूर साहिब में हुक्मनामा लिखने की सेवा का सौभाग्य
9 दिनों तक निभाई सेवा,गुरमत विद्यालय में बच्चों को गुरमुखी सिखाने का भी मिला अवसर; जत्थेदार ज्ञानी राम सिंह ने सिरोपा देकर किया सम्मानित

डबवाली शहर निवासी जसविंद्र सिंह खालसा को 11 दिवसीय धार्मिक यात्रा के दौरान तख्त श्री हजूर साहिब, नांदेड़ में श्री हुक्मनामा साहिब लिखने की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने करीब 9 दिनों तक पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ यह सेवा निभाई और इसे अपने जीवन का अत्यंत गौरवपूर्ण एवं यादगार अनुभव बताया। जसविंद्र सिंह खालसा ने बताया कि श्री हजूर साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी गुरमीत सिंह जी की सहमति से उन्हें वहां स्थित गुरमत विद्यालय में दो दिनों तक बच्चों को गुरमुखी लिपि की पैंती अखरी लिखने और पढ़ाने की विधि सिखाने का अवसर भी मिला। धार्मिक सेवा के प्रति उनके समर्पण और योगदान को देखते हुए जत्थेदार ज्ञानी राम सिंह जी ने दरबार साहिब में विशेष रूप से सिरोपा पहनाकर उन्हें सम्मानित किया। जसविंद्र सिंह खालसा ने कहा कि श्री हजूर साहिब में हुक्मनामा साहिब लिखने की सेवा करना और सम्मान प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण क्षण है, जिसे वह जीवनभर याद रखेंगे। उल्लेखनीय है कि वह पिछले करीब साढ़े आठ वर्षों से डबवाली की सब्जी मंडी स्थित कलगीधर सिंह सभा गुरुद्वारा साहिब में नियमित रूप से हुक्मनामा साहिब लिखने की सेवा निभा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने हाथों से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हस्तलिखित प्रति भी तैयार की है, जो गुरबाणी, धर्म और सेवा के प्रति उनके गहरे समर्पण एवं श्रद्धा भाव को दर्शाती है।




