कोटा मेयर के मंदिर में नमन से सियासी बहस, सवाई माधोपुर SP ने बनाई चटनी; बांदीकुई में सभापति के पति बने चर्चा का विषय
जयपुर में थाने के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ, राजस्थान में नेताओं और अधिकारियों से जुड़े चार अलग-अलग मामले चर्चा में

जयपुर। राजस्थान में इन दिनों राजनीति और प्रशासन से जुड़े कई घटनाक्रम चर्चा का विषय बने हुए हैं। कोटा की मेयर अनुसुइया गोस्वामी के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास के बाहर नमन करने पर राजनीतिक बहस छिड़ गई। वहीं, सवाई माधोपुर की एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर सिलबट्टे पर चटनी बनाती नजर आईं। दौसा के बांदीकुई में नगरपालिका सभापति के पति की भूमिका और जयपुर में मंदिर के पुजारी के साथ मारपीट के बाद थाने के बाहर हुए हनुमान चालीसा पाठ ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
1. कोटा मेयर के नमन पर राजनीतिक बहस, शिव-पार्वती को प्रणाम करने की दी सफाई
कोटा की मेयर अनुसुइया गोस्वामी के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आवास के बाहर नमन करने की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक बहस शुरू हो गई। मेयर का काफिला जब उनके आवास के सामने से गुजरा तो वह वहां रुकीं और चौखट पर माथा टेककर हाथ जोड़ती नजर आईं।
इस घटना पर विरोधियों ने सवाल उठाए। एक राजनीतिक टिप्पणी में इसे जनादेश और लोकतंत्र की गरिमा से जोड़ते हुए कहा गया कि मेयर की जवाबदेही जनता के प्रति होनी चाहिए।
इस मामले में युवा नेता नरेश मीणा की टिप्पणी भी चर्चा में रही। उन्होंने मेयर की नियुक्ति को लेकर विवादित बयान दिया, जिस पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।
विवाद बढ़ने के बाद मेयर अनुसुइया गोस्वामी ने सफाई देते हुए कहा कि ओम बिरला के आवास के ऊपर शिव-पार्वती की मूर्तियां स्थापित हैं। उन्होंने उन्हीं के दर्शन कर नमन किया था।
मेयर की सफाई के बावजूद इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी रहीं।
2. सवाई माधोपुर SP ने सिलबट्टे पर बनाई धनिया-मिर्च की चटनी
सवाई माधोपुर की एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी पुलिसकर्मियों के साथ एक अलग अंदाज में नजर आईं। उन्होंने वन विभाग के रेस्ट हाउस में पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए गेट-टुगेदर कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने साथ मिलकर खेल खेले और आपसी मेलजोल बढ़ाया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि एसपी ने खुद रसोई की कमान संभाली और सिलबट्टे पर धनिया-मिर्च की चटनी बनाई। इस दौरान उनके साथी अधिकारी मोबाइल की टॉर्च से रोशनी करते नजर आए।
चटनी बनाते समय एसपी ने सिलबट्टे की ऊंचाई को लेकर मजाक भी किया। क्राइम ब्रांच प्रभारी ने उन्हें ऊंचाई पर बैठकर चटनी बनाने की सलाह दी। एसपी ने सलाह मानते हुए चटनी बनाना जारी रखा।
कुछ देर बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि चटनी बनाना उनकी सोच से ज्यादा मुश्किल है। इस पर वहां मौजूद पुलिसकर्मी हंस पड़े।
एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी पुलिसकर्मियों के तनाव को कम करने और उनके साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए कई पहल कर चुकी हैं। इनमें जवानों के जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर अनिवार्य अवकाश देने जैसी पहल भी शामिल है।
3. बांदीकुई में सभापति विनोद देवी के पति की भूमिका पर चर्चा
दौसा जिले की बांदीकुई नगरपालिका की सभापति विनोद देवी और उनके पति रतन पटेल की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। सभापति के चुनाव में विनोद देवी की जीत के बाद उनके पति रतन पटेल राजनीतिक कार्यक्रमों और प्रचार सामग्री में प्रमुखता से नजर आए।
चुनाव के बाद बधाई संदेशों और पोस्टरों में भी रतन पटेल की तस्वीर का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। कुछ पोस्टरों में उन्हें चेयरमैन कहकर संबोधित किया गया।
स्वागत समारोह के दौरान विनोद देवी सिर पर पल्लू रखकर बैठी रहीं, जबकि उनके पति रतन पटेल ने माइक संभालकर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने अधिकारियों से जनसमस्याओं से संबंधित रिपोर्ट सोमवार तक अपनी टेबल पर भेजने की बात कही।
इस घटनाक्रम ने निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका और उनके अधिकारों को लेकर बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। महिला जनप्रतिनिधियों के निर्वाचित होने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों में उनकी सक्रिय भागीदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
4. जयपुर में पुजारी से मारपीट के बाद थाने के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ
जयपुर के करधनी इलाके में एक मंदिर के पुजारी और युवक के बीच लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा के पाठ को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि युवक ने मंदिर पहुंचकर लाउडस्पीकर बंद करने की मांग की। पुजारी ने पाठ जारी रखा, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
विवाद बढ़ने पर युवक ने कथित तौर पर पुजारी के साथ मारपीट की। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और पुजारी के समर्थन में लोग एकत्रित हो गए।
लोगों ने करधनी थाने के बाहर पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान थाने के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने की मांग की। मंदिर में लाउडस्पीकर को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और विरोध प्रदर्शन तक पहुंच गया।
इन चारों घटनाक्रमों ने राजस्थान में राजनीतिक गतिविधियों, प्रशासनिक कार्यशैली और स्थानीय विवादों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।




