उत्तराखंड में बारिश का कहर: 8 लोगों की मौत, चमोली-मसूरी-बागेश्वर में लैंडस्लाइड; नैनीताल-पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश
देहरादून-टिहरी में ऑरेंज अलर्ट, 8 जिलों में यलो अलर्ट; अल्मोड़ा में 5 मौतें, कई सड़कें बंद और घरों में घुसा मलबा

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश, भूस्खलन, भू-धसाव और बरसाती नदियों के उफान से अब तक 8 लोगों की मौत की सूचना है। अल्मोड़ा में सबसे ज्यादा पांच लोगों की जान गई है। हवालबाग के बड्यूड़ा गांव में भारी बारिश के बाद घर में मलबा घुसने से एक मां और उसके दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि धार की तूनी में दीवार गिरने से दो नेपाली मजदूरों की जान चली गई। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में देर रात तेज बरसाती बहाव में एक क्रेटा कार बह गई, जिसमें दो लोगों की मौत हुई। वहीं उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में झील से एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में लैंडस्लाइड और भू-धसाव की घटनाएं सामने आई हैं। चमोली, मसूरी और बागेश्वर में भूस्खलन से सड़कें प्रभावित हुई हैं, जबकि अल्मोड़ा में बसोली-नाई ढोल सड़क का करीब 10 मीटर हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया। कई घरों में मलबा घुसने की भी सूचना है। लगातार बारिश के बीच पिथौरागढ़ में गदेरे उफान पर हैं, जबकि नैनीताल में जलभराव के कारण नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के बाद अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए चैनल खोल दिए गए हैं। देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में रात करीब एक बजे रिस्पना नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ता नजर आया। मौसम विभाग ने देहरादून और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर की संभावना भी जताई गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए चंपावत में टनकपुर और बनबसा को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। पिथौरागढ़ और देहरादून में भी कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। उधर, केदारघाटी में मौसम में सुधार के बाद केदारनाथ यात्रा दोपहर 12 बजे फिर शुरू कर दी गई, हालांकि इससे पहले सुबह करीब साढ़े सात बजे तेज बारिश के कारण यात्रा रोकनी पड़ी थी। प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चला रही हैं। बंद सड़कों को खोलने और मलबा हटाने का काम जारी है। नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को जाने से बचने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के कारण आने वाले समय में नए भूस्खलन, जलभराव और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।




