शोएब अख्तर बोले- पाकिस्तान क्रिकेट ‘वेंटिलेटर पर’: मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं, मिस्बाह ने भी सिस्टम पर उठाए सवाल
इंग्लैंड से 2-0 से पिछड़ी पाकिस्तान टीम; अख्तर बोले- वापसी में लग सकते हैं 2 साल, मिस्बाह ने स्थानीय-विदेशी कोचों के साथ व्यवहार पर जताई नाराजगी

पाकिस्तान क्रिकेट टीम इन दिनों खराब दौर से गुजर रही है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-0 से पिछड़ने के बाद पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने PCB और टीम की मौजूदा स्थिति पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट को ‘वेंटिलेटर पर’ बताते हुए कहा कि टीम को दोबारा मजबूत स्थिति में आने में करीब दो साल लग सकते हैं।
वहीं, पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ होने वाले कथित अलग व्यवहार पर सवाल उठाते हुए क्रिकेट सिस्टम की आलोचना की है।
शोएब अख्तर- मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं
शोएब अख्तर ने ‘आउटसाइड एज’ शो में कहा कि PCB मौजूदा टीम के प्रदर्शन से निराश है और उसकी उम्मीदें अब अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों पर टिकी हैं।
अख्तर के मुताबिक, PCB के एक अधिकारी ने मौजूदा टीम से इंग्लैंड दौरे पर उम्मीदों के सवाल के जवाब में ‘कुछ नहीं’ कहा। अधिकारी के अनुसार बोर्ड उन युवा खिलाड़ियों को तैयार करने पर ध्यान दे रहा है, जो भविष्य में बड़े मंच पर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर सकें।
अख्तर ने इसी बातचीत का हवाला देते हुए पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति को ‘वेंटिलेटर पर’ बताया और कहा कि सेटअप को दोबारा मजबूत करने में करीब दो साल लग सकते हैं।
शाहीन, नसीम और हारिस की फिटनेस पर ध्यान देने की सलाह
शोएब अख्तर ने शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि तीनों तेज गेंदबाजों के करियर में अभी काफी क्रिकेट बाकी है। इसलिए उनके वर्कलोड और फिटनेस को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि वे लंबे समय तक पाकिस्तान के लिए खेल सकें।
मिस्बाह- स्थानीय कोचों को ज्यादा आलोचना झेलनी पड़ती है
पूर्व टेस्ट कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने पाकिस्तान क्रिकेट में कोचिंग सिस्टम को लेकर सवाल उठाए हैं।
मिस्बाह ने कहा कि उन्हें विदेशी कोच नियुक्त किए जाने से कोई समस्या नहीं है, लेकिन उनके मुताबिक स्थानीय कोचों को विदेशी कोचों की तुलना में ज्यादा जांच और आलोचना का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि PCB, मीडिया, आलोचकों और प्रशंसकों का रवैया विदेशी कोचों के प्रति अपेक्षाकृत नरम रहता है। उनके मुताबिक विदेशी कोचों को ज्यादा अधिकार और ताकत भी दी जाती है।
‘लगातार आलोचना से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास टूटता है’
मिस्बाह ने खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें लगातार निशाना बनाए जाने पर भी चिंता जताई।
उनके अनुसार, किसी खिलाड़ी के असफल होने के बाद अगर लगातार आलोचना होती रहे तो उसके लिए फॉर्म और आत्मविश्वास वापस हासिल करना मुश्किल हो जाता है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते समय उन्हें सुधार का मौका दिया जाना चाहिए।
तीसरे टेस्ट में क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती
इंग्लैंड ने सीरीज के पहले दोनों टेस्ट बड़े अंतर से जीते हैं। हेडिंग्ले में पहला टेस्ट पारी और 103 रन से, जबकि लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट 194 रन से जीतकर इंग्लैंड ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
अब पाकिस्तान के सामने एजबेस्टन में होने वाले तीसरे टेस्ट में क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती है।
कोचिंग सेटअप में भी बदलाव
लगातार खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में बदलाव शुरू हो गए हैं। सरफराज अहमद और उमर गुल को कोचिंग सेटअप से हटाया गया है।
माइक हेसन ने टीम की जिम्मेदारी संभाली है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज एश्ले नॉफ्के उनके सहायक के तौर पर जुड़े हैं।
तीसरे टेस्ट के लिए पाकिस्तान के स्क्वॉड से सात खिलाड़ियों को बाहर किया गया है। इनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक और सलमान अली आगा जैसे सीनियर खिलाड़ी भी शामिल हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट के सामने लंबी चुनौती
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज का नतीजा पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा समस्याओं का सिर्फ एक हिस्सा है। टीम चयन, कोचिंग, युवा खिलाड़ियों की तैयारी और पूरे क्रिकेट सिस्टम को लेकर लंबे समय की रणनीति की जरूरत दिखाई दे रही है।
शोएब अख्तर और मिस्बाह-उल-हक की टिप्पणियों ने भी पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही बहस को और तेज कर दिया है।
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