सिरसा में फर्म पर किसानों-आढ़तियों से करोड़ों की फसल खरीदकर भुगतान न करने का आरोप: चेक बाउंस होने का दावा; पैसे मांगने पर सुसाइड कर फंसाने की धमकी का आरोप
आढ़ती ललित मोहन जैन बोले- 5 से 7 करोड़ रुपए की देनदारी का दावा; 17 फर्मों ने कोर्ट का रुख किया, एसपी से मिलेंगे

सिरसा शहर में प्रभ दयाल अशोक कुमार फर्म के संचालक पर किसानों और आढ़तियों से फसल खरीदने के बाद भुगतान नहीं करने के आरोप सामने आए हैं। मामले में फर्म संचालक और मुनीम समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। अब कुछ किसान और आढ़ती भी सामने आए हैं और उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बकाया राशि मांगने पर फर्म संचालक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर लेने और इसके लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराने की धमकी दी। आढ़ती ललित मोहन जैन ने कहा कि मामले को लेकर वे पुलिस अधीक्षक से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
आढ़ती ने 5 से 7 करोड़ की देनदारी का दावा किया
अनाज मंडी एसोसिएशन के सदस्य एवं जयदेव-सहदेव ट्रस्ट के प्रधान ललित मोहन जैन ने बताया कि फर्म संचालक शेखर मेहता पुत्र अशोक कुमार लंबे समय से मंडी में कारोबार कर रहा था। इससे लोगों का उसके साथ कारोबारी विश्वास बना हुआ था।
जैन के अनुसार, गेहूं सीजन में किसानों ने बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में फर्म को फसल बेची। आरोप है कि फर्म संचालक ने किसानों से खरीदी गई फसल आगे आढ़तियों को बेच दी, लेकिन बाद में भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
जैन ने दावा किया कि उनकी फर्म के करीब 15 लाख रुपए फंसे हुए हैं। अन्य आढ़तियों की करीब 2 करोड़ रुपए की राशि और किसानों की भी करीब 2 करोड़ रुपए की फसल का भुगतान बकाया होने का दावा किया गया है। उन्होंने कुल देनदारी करीब 5 से 7 करोड़ रुपए होने की बात कही।
इन आंकड़ों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित कारोबारी दस्तावेजों से होना बाकी है।
चेक बाउंस होने का आरोप
किसानों की ओर से दी गई शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि फर्म ने फसल खरीदने के बाद कुछ राशि का भुगतान किया और बाकी के लिए चेक दिए। बाद में ये चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गए।
पनिहारी निवासी किसानों हरमिंदर, ओमप्रकाश और जलविंद्र की शिकायत के अनुसार, फर्म ने 8.86 लाख रुपए की फसल खरीदी थी। इसमें से 2 लाख रुपए का भुगतान किया गया, जबकि बाकी राशि के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए।
इसी तरह जलविंद्र से करीब 5.12 लाख रुपए की गेहूं की फसल खरीदने और उसमें से 2 लाख रुपए देने के बाद शेष रकम के चेक देने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं ने चेक बाउंस होने की बात कही है।
फसल तौल की पर्चियां होने का दावा
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, फर्म द्वारा खरीदी गई गेहूं की फसल का वजन पनिहारी स्थित श्री गणेश धर्मकांटा समेत संबंधित धर्मकांटों पर कराया गया था। किसानों ने फसल तौल की रसीद और अन्य दस्तावेज अपने पास होने की बात कही है।
शिकायत में कहा गया है कि शुरुआत में बकाया राशि एक-दो दिन में देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन 18 अगस्त को कथित तौर पर भुगतान करने से इनकार कर दिया गया।
पैसे मांगने पर आत्महत्या की धमकी देने का आरोप
आढ़ती ललित मोहन जैन का आरोप है कि जब लोग बकाया राशि मांगने फर्म संचालक के पास जाते थे तो उन्हें कथित तौर पर आत्महत्या कर लेने और इसके लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराने की धमकी दी जाती थी।
जैन ने पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि किसानों और आढ़तियों की रकम का मामला गंभीर है।
मार्केट कमेटी की लाइसेंस प्रक्रिया पर उठाए सवाल
ललित मोहन जैन ने कहा कि ऐसी घटनाओं से अनाज मंडी की साख प्रभावित होती है। उन्होंने मार्केट कमेटी की लाइसेंस प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फर्मों को लाइसेंस देने से पहले संबंधित दस्तावेज और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि अब तक 17 फर्मों ने कोर्ट में याचिका दायर की है।
तीन लोगों पर दर्ज है FIR
मामले में 28 अगस्त को सदर थाना पुलिस ने BNS की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। शिकायत के आधार पर पुलिस फर्म संचालक और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि फर्म संचालक किसानों से फसल खरीदने के बाद भुगतान किए बिना फरार हो सकता है। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है।
बैंक रिकॉर्ड जुटा रही पुलिस
सदर थाना प्रभारी सीमा के अनुसार, मामले में जांच जारी है। पुलिस बैंक से संबंधित लेन-देन और अन्य रिकॉर्ड जुटा रही है। उपलब्ध दस्तावेजों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी ने कहा कि आढ़ती भी अपनी शिकायत पुलिस को दे सकते हैं। पुलिस के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।



