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इंजीनियरिंग छात्रों के लिए अच्छी खबर

अब ईसीबी में डिजिटल कम्युनिकेशन से भी होगा एम-टेक, एआईसीटीई ने दी मंजूरी

तकनीक की तेजी से बदलती दुनिया और 5जी-6जी क्रांति के दौर में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ईसीबी) में डिजिटल कम्युनिकेशन स्पेशलाइजेशन के साथ एम-टेक की पढ़ाई भी शुरू होगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इस कोर्स को मंजूरी दे दी है।

अब तक ईसीबी के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग में केवल बी-टेक की सुविधा थी, लेकिन बदलती तकनीकी जरूरतों और बढ़ती मांग को देखते हुए अब इसे पोस्ट ग्रेजुएट स्तर तक विस्तारित किया गया है। ईसीबी में मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रिकल के बाद यह चौथा एम-टेक स्पेशलाइजेशन होगा। शुरुआती चरण में करीब 18 सीटों पर प्रवेश प्रस्तावित हैं और प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।

5जी-6जी से लेकर सैटेलाइट तक पढ़ाई

विभागाध्यक्ष चेना राम के अनुसार, इस नए एम-टेक प्रोग्राम में छात्रों को आधुनिक संचार तकनीकों से जुड़ी पढ़ाई कराई जाएगी। पाठ्यक्रम में 5G/6G टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), सैटेलाइट कम्युनिकेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नेटवर्किंग और ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन जैसे उन्नत विषय शामिल किए गए हैं।

इस कोर्स में केवल थ्योरी पर ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल लर्निंग, लाइव प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्रियल इंटर्नशिप पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों को भी समझ सकें।

कौन ले सकेगा प्रवेश?

इस एम-टेक कोर्स में प्रवेश के लिए संबंधित ब्रांच में बी-टेक उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे। हालांकि, गेट (GATE) क्वालिफाई करने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक छात्र कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग से प्रवेश प्रक्रिया और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

टेलीकॉम से लेकर इसरो-डीआरडीओ तक खुलेंगे अवसर

डिजिटल कम्युनिकेशन में एम-टेक करने के बाद छात्रों के लिए रोजगार और रिसर्च के बड़े अवसर खुलेंगे। इस कोर्स के जरिए छात्र टेलीकॉम, रक्षा, इसरो, डीआरडीओ, रेलवे और आईटी रिसर्च जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकेंगे।

छात्र रेडियो फ्रीक्वेंसी इंजीनियर, नेटवर्क प्लानिंग एक्सपर्ट, डिजाइन इंजीनियर और रिसर्च साइंटिस्ट जैसे पदों पर काम कर सकेंगे। कोर्स कोऑर्डिनेटर इंदु भूरिया के अनुसार, यह नया प्रोग्राम छात्रों को भविष्य की संचार तकनीकों के लिए पूरी तरह तैयार करेगा।

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