भारत का दावा—4,800 घुसपैठिए डिपोर्ट, बांग्लादेश बोला—सिर्फ 73 को लिया बॉर्डर पर सन्नाटा, 300 से ज्यादा बांग्लादेशी 11 होल्डिंग सेंटर्स में बंद
300 से ज्यादा बांग्लादेशी 11 होल्डिंग सेंटर्स में बंद

बॉर्डर पर सन्नाटा, 300 से ज्यादा बांग्लादेशी 11 होल्डिंग सेंटर्स में बंद
कोलकाता/ढाका। भारत और बांग्लादेश के बीच कथित अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने को लेकर आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है। भारत की ओर से करीब 4,800 लोगों को डिपोर्ट किए जाने का दावा किया गया है, जबकि बांग्लादेश का कहना है कि उसने इनमें से केवल 73 लोगों को ही औपचारिक रूप से स्वीकार किया है।
कोलकाता से करीब 90 किलोमीटर दूर हाकिमपुर चेकपोस्ट पर भारत-बांग्लादेश सीमा की स्थिति फिलहाल काफी शांत नजर आ रही है। सीमा की ओर बढ़ने पर पुलिस और BSF की गाड़ियां दिखाई देती हैं। जवान वाहनों को रोककर दस्तावेज और पहचान पत्रों की जांच कर रहे हैं।
300 से ज्यादा लोग होल्डिंग सेंटरों में
रिपोर्ट के मुताबिक, 300 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिक भारत के 11 होल्डिंग सेंटरों में रखे गए हैं। इन लोगों की नागरिकता और पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें बांग्लादेश भेजे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
आंकड़ों को लेकर दोनों देशों के दावे अलग
सबसे बड़ा सवाल भारत और बांग्लादेश के आंकड़ों में सामने आया अंतर है। भारत की तरफ से बड़ी संख्या में लोगों को वापस भेजे जाने की बात कही जा रही है, जबकि बांग्लादेश की ओर से स्वीकार किए गए लोगों की संख्या काफी कम बताई गई है।
इस अंतर की वजह से यह सवाल भी उठ रहा है कि जिन लोगों को भारत बांग्लादेशी नागरिक मान रहा है, उनकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि की प्रक्रिया दोनों देशों में किस तरह की जा रही है।
सीमा पर बढ़ी निगरानी
इस पूरे मामले के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी और दस्तावेजों की जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है। BSF और स्थानीय पुलिस संदिग्ध आवाजाही पर नजर रख रही है और सीमा से जुड़े इलाकों में पहचान पत्रों की जांच की जा रही है।
नोट: ऊपर की खबर आपके दिए गए समाचार अंश के आधार पर पुनर्लिखी गई है। आंकड़ों और दोनों देशों के आधिकारिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना इन्हें अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए


