स्कूल बस की चपेट में आने से 7 वर्षीय बच्ची की मौत: दो घायल; आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम किया, पीछा कर ड्राइवर पकड़ा
दो घायल; आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम किया, पीछा कर ड्राइवर पकड़ा

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के जमशेदपुर में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 7 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। गोविंदपुर थाना क्षेत्र के अन्ना चौक के पास तेज रफ्तार स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े लोगों से जा टकराई। हादसे में बच्ची समेत तीन लोग बस की चपेट में आए।
मृत बच्ची की पहचान भोला बागान निवासी रूही कुमारी (7) के रूप में हुई है।
कार धुलवाने के लिए परिवार के साथ पहुंची थी रूही
बताया गया कि रूही अपने परिवार के साथ अन्ना चौक के पास कार धुलवाने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एसडी पब्लिक स्कूल की बस तेज रफ्तार में वहां पहुंची और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े लोगों को टक्कर मार दी।
हादसे में रूही गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन और स्थानीय लोग उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
दो अन्य लोग भी घायल
हादसे में रेहान (11) और रोशन शर्मा (21) भी घायल हुए हैं। दोनों का इलाज टाटा मोटर्स अस्पताल में चल रहा है।
दोनों घायलों की स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत मेडिकल जानकारी सामने नहीं आई है।
हादसे के बाद बस लेकर भागा चालक
हादसे के बाद बस चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना पुलिस सक्रिय हुई और आसपास के थानों को बस की जानकारी दी गई।
पुलिस ने बस का पीछा किया और हुरलुंग स्थित टेल्को बीएड कॉलेज के पास उसे रोक लिया।
पुलिस ने बस जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
बच्ची की मौत से लोगों में आक्रोश
हादसे की जानकारी फैलते ही अन्ना चौक और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। बच्ची की मौत से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
स्थानीय लोगों ने तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारण, बस की रफ्तार और चालक की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
‘हमारे मठ’ की नजर
स्कूल बस से हुए इस हादसे में 7 वर्षीय बच्ची की जान चली गई और दो अन्य लोग घायल हुए। हादसे के बाद चालक का मौके से चले जाना और फिर पुलिस द्वारा पीछा कर उसे पकड़ना मामले को गंभीर बनाता है। दुर्घटना की पूरी स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी, लेकिन स्कूल बसों की गति और सड़क किनारे लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल जरूर खड़े होते हैं।



