सिरसा कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आई: जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल और विधायक गोकुल सेतिया आमने-सामने, नशे से लेकर समर्थकों तक आरोप-प्रत्यारोप
जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल और विधायक गोकुल सेतिया आमने-सामने, नशे से लेकर समर्थकों तक आरोप-प्रत्यारोप

सिरसा कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आती दिखाई दे रही है। पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल और सिरसा विधायक गोकुल सेतिया के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है और दोनों नेता एक-दूसरे पर राजनीतिक तंज कसने के साथ गंभीर आरोपों की ओर भी इशारा कर रहे हैं। विवाद की शुरुआत संगठन और समर्थकों से जुड़े मुद्दों से हुई, लेकिन धीरे-धीरे मामला नशे के सेवन और नशा बेचने वालों तक पहुंच गया। दोनों नेताओं की बयानबाजी के बाद कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधायक गोकुल सेतिया और जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल के बीच मतभेदों की चर्चा पहले भी सामने आती रही है, लेकिन अब सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर निशाना साधे जाने से पार्टी संगठन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। विवाद में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह का नाम भी राजनीतिक संदर्भों में सामने आ रहा है, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थकों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं और सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक बयानों के जरिए एक-दूसरे को जवाब दे रहे हैं। फोन को लेकर भी नाराजगी जताए जाने की बात सामने आई है, जिससे यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित न रहकर व्यक्तिगत स्तर की खींचतान का रूप लेता दिखाई दे रहा है। नशे से जुड़े आरोप इस पूरे विवाद को और गंभीर बना रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच या आधिकारिक कार्रवाई के बिना नहीं की जा सकती। कांग्रेस के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी संगठन और निर्वाचित विधायक के बीच सार्वजनिक मतभेद कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं। सिरसा जिले में नशा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे पहले से ही राजनीतिक बहस का केंद्र बने हुए हैं और ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस अंदरूनी विवाद को शांत कराने के लिए कोई हस्तक्षेप करता है या दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होती है। फिलहाल सिरसा कांग्रेस की यह खींचतान स्थानीय राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है



