इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का भूकंप, 5 की मौत; इमारतें ढहीं, सुनामी चेतावनी हटाई गई
फ्लोरेस क्षेत्र में सुबह आया शक्तिशाली भूकंप, कई जगह इमारतों को नुकसान और भूस्खलन; अस्पतालों से मरीज बाहर निकाले गए, तटीय इलाकों में लोगों ने ऊंची जगहों पर ली शरण

जकार्ता। इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। भूकंप का केंद्र फ्लोरेस क्षेत्र में एंडे से करीब 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में समुद्र के नीचे था और यह करीब 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया, जिसके कारण आसपास के इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार भूकंप के कारण मलबा गिरने से कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में इमारतों तथा अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचा है। भूकंप के बाद कई शक्तिशाली आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। समुद्र के नीचे आए इस शक्तिशाली भूकंप के बाद अधिकारियों ने संभावित सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की और तटीय इलाकों के लोगों को ऊंची जगहों पर जाने के लिए कहा। बाद में करीब तीन घंटे के भीतर सुनामी चेतावनी हटा दी गई, क्योंकि दर्ज की गई समुद्री लहरें एक मीटर से कम थीं। पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में कई स्थानों पर इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, भूस्खलन हुआ और बिजली तथा संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई। सिक्का क्षेत्र में एक सेमिनरी की इमारत को नुकसान पहुंचने के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और एक पादरी जान बचाने के प्रयास में दूसरी मंजिल से कूद गए, जिससे उनके पैर में चोट आई। कई अस्पतालों में भी एहतियात के तौर पर मरीजों को इमारतों से बाहर निकालकर खुले स्थानों में अस्थायी व्यवस्था की गई। भूकंप के तेज झटके फ्लोरेस द्वीप के बड़े हिस्से में महसूस किए गए और कुछ इलाकों में लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में ऊंची जगहों की ओर चले गए। प्रशासन और बचाव दल क्षतिग्रस्त इलाकों का जायजा लेकर राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हैं। भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक आने से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इंडोनेशिया में इस तरह के शक्तिशाली भूकंप का खतरा इसलिए अधिक रहता है क्योंकि देश प्रशांत महासागर के सक्रिय ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती और एक-दूसरे के नीचे खिसकती हैं। इसी भूगर्भीय गतिविधि के कारण इंडोनेशिया में भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां लगातार होती रहती हैं। शनिवार की इस घटना ने एक बार फिर देश के कई हिस्सों में भूकंप और संभावित सुनामी के खतरे को सामने ला दिया है




