लखनऊ में घरों में घुसा पानी, चित्रकूट में यूपी-एमपी को जोड़ने वाला पुल डूबा; ओडिशा के 6 जिलों में बाढ़
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और हरियाणा समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी, हिमाचल में मानसून से जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की मौत

15 अगस्त 2026। देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और लगातार हो रही बारिश के कारण अनेक क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों तक पानी पहुंच गया। कुछ स्थानों पर करीब दो फीट तक पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं गंगा, यमुना और शारदा समेत प्रदेश की 11 नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण यूपी और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला एक पुल पानी में डूब गया, जबकि आसपास की कॉलोनियों और घरों में भी पानी पहुंचने की सूचना है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड में टिहरी डैम का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। ओडिशा में 18 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी के बीच जाजपुर जिले के दशरथपुर ब्लॉक में अचानक आई बाढ़ के कारण कानी नदी पर निर्माणाधीन पुल बह गया। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। मध्य प्रदेश में मानसून टर्फ के प्रभाव से पूर्वी हिस्सों में बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग समेत 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान में भी कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है और भरतपुर, धौलपुर तथा करौली में करीब एक इंच तक बारिश दर्ज की गई। धौलपुर में दमोह झरने के पास अचानक पानी बढ़ने से फंसे दो युवकों को सुरक्षित बचाया गया। बिहार के 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें पांच जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और सात जिलों में यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। हरियाणा में भी अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों में भिवानी में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। अंबाला में शनिवार रात हुई बारिश के बाद कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया। हिमाचल प्रदेश में मानसून से जुड़ी घटनाओं ने भी गंभीर स्थिति पैदा की है। 30 जून से 15 अगस्त के बीच मानसून से संबंधित घटनाओं में 183 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि शनिवार शाम तक राज्य में 103 सड़कें बंद थीं। मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से नदी, नालों, झरनों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की जा रही है




