पटना में पूजा के दीये से लगी आग, सास-बहू और 6 माह की बच्ची की मौत: जान बचाने के लिए छत से कूदी महिला, पैर टूटा; दुकान में रखे डीजल से भड़की आग

पटना। बख्तियारपुर के पुरानी बाईपास स्थित अब्बु महमदपुर में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। मोटर पार्ट्स की दुकान में लगी भीषण आग ने ऊपर बने घर को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दो महिलाओं और छह माह की बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक महिला छत से कूदने के दौरान घायल हो गई और उसका पैर टूट गया।
दुकान में मोबिल और डीजल रखा होने के कारण आग तेजी से फैल गई। ऊपर बने घर में आने-जाने के लिए दुकान के भीतर से होकर जाने वाली एक ही सीढ़ी थी। आग और धुएं ने कुछ ही देर में इस रास्ते को भी घेर लिया, जिससे परिवार के लोग अंदर फंस गए।
मृतकों में दुकानदार पंकज कुमार की 65 वर्षीय मां गीता देवी, पत्नी रीना देवी और उनकी बहन मोनी कुमारी की छह माह की बेटी शामिल हैं।
पूजा के बाद रखी थाली, पर्दे से भड़की आग
परिजनों के अनुसार, शनिवार को पंकज कुमार के घर में शिव चर्चा का आयोजन किया गया था। इसमें करीब 25 स्थानीय महिलाएं और बच्चे शामिल हुए थे। शाम करीब साढ़े चार बजे शिव चर्चा समाप्त हुई और करीब एक घंटे बाद सभी मेहमान घर से चले गए।
पूजा के बाद घरवालों ने पूजा की थाली गेट के पास रख दी थी। इसी दौरान गेट पर लगे पर्दे में आग लग गई। देखते ही देखते आग गेट से होते हुए नीचे स्थित मोटर पार्ट्स की दुकान तक पहुंच गई।
दुकान में रखा डीजल और मोबिल बना आग की वजह
आग दुकान तक पहुंचते ही वहां रखा मोबिल और डीजल भी इसकी चपेट में आ गया। इससे आग और तेजी से फैल गई। दुकान से आग की लपटें बाहर निकलने लगीं और ऊपर बने घर में धुआं भर गया।
पंकज कुमार के मुताबिक, आग और धुआं देखकर परिवार के लोग छत की तरफ जाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान कुछ लोग बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन उनकी मां गीता देवी और मासूम बच्ची अंदर रह गईं।
पत्नी भी बचाने के लिए अंदर गई, लेकिन नहीं निकल सकी
पंकज के अनुसार, उनकी पत्नी रीना देवी उनकी मां और बच्ची को बचाने के लिए दोबारा अंदर गईं। हालांकि, आग और धुआं इतना अधिक था कि वह भी बाहर नहीं निकल सकीं।
इस हादसे में गीता देवी, रीना देवी और छह माह की बच्ची की मौत हो गई।
छत से कूदकर बचाई जान, पैर टूटा
आग से बचने के लिए एक महिला ने छत से नीचे छलांग लगा दी। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसका पैर टूट गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
दमकल की टीम ने आग पर पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। ऊपर के कमरे में फंसे लोगों को सीढ़ी लगाकर बाहर निकाला गया।
काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
मायके आई थी मोनी, साथ थी छह माह की बेटी
पंकज कुमार की बहन मोनी कुमारी का ससुराल नवादा के हिसुआ में है। वह शिव चर्चा में शामिल होने के लिए अपनी छह माह की बेटी के साथ मायके आई थीं।
उन्हें क्या पता था कि धार्मिक आयोजन के कुछ ही देर बाद परिवार पर इतना बड़ा दुख टूट पड़ेगा। हादसे में मोनी की मासूम बेटी की भी जान चली गई।




