बिहार में 2 गुटों में बंटा छात्र आंदोलन: रौशन आनंद बोले- मिलकर लड़िए; दिलीप ने कहा- ‘ये संभव नहीं’, अमन गुट पर बदनाम करने का आरोप
TRE-4 समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की मांगों को लेकर गर्दनीबाग में 18 अगस्त से ‘न्याय सत्याग्रह’; शिक्षक रौशन आनंद ने दोनों गुटों से एकजुट होने की अपील की, दिलीप ने लगाए बदनाम करने के आरोप।

पटना। TRE-4 समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन अब दो गुटों में बंट गया है। एक गुट का नेतृत्व छात्र नेता दिलीप कुमार कर रहे हैं, जबकि दूसरे गुट की अगुवाई छात्र नेता अमन कुमार कर रहे हैं।
इसी बीच ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक और शिक्षक रौशन आनंद ने दोनों गुटों से एकजुट होकर आंदोलन चलाने की अपील की है। उनका कहना है कि दोनों पक्षों की मांगें लगभग समान हैं, इसलिए छात्रों के हित में आंदोलन को एक मंच पर आना चाहिए।
रौशन आनंद ने की दोनों गुटों को साथ आने की अपील
शनिवार को रौशन आनंद गर्दनीबाग धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्र नेताओं दिलीप कुमार, अमन कुमार और सौरभ समेत सभी से साथ आने की अपील की।
रौशन आनंद ने कहा कि जब छात्र धरनास्थल पर पहुंचते हैं तो उन्हें समझ नहीं आता कि किस आंदोलन में शामिल हों। आंदोलन जितना एकजुट होगा, छात्रों की मांग उतनी मजबूती से सरकार के सामने रखी जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि छात्र हित में जो भी जरूरी होगा, वह उसके लिए खड़े रहेंगे।
‘दिलीप जी, हम आपके आगे हाथ जोड़ते हैं’
रौशन आनंद ने धरनास्थल से अपील करते हुए कहा कि छात्र नेताओं को आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन दो हिस्सों में बंटने से उसका प्रभाव कमजोर पड़ सकता है।
उनका कहना था कि दोनों आंदोलनों का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है।
दिलीप बोले- ‘कैसे एक साथ हो जाएं?’
छात्र नेता दिलीप कुमार ने रौशन आनंद की अपील पर कहा कि दोनों गुटों का एक साथ आना फिलहाल संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे गुट ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है।
दिलीप कुमार ने कहा कि दूसरे गुट ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पानी की बोतल फेंकी थी, लेकिन उसकी सजा उनके गुट के छात्रों को मिली। उन्होंने कहा कि इसके चलते उन्हें जेल जाना पड़ा और उनके साथ मारपीट भी हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे गुट के लोग राजनीतिक दलों से पैसे लेने जैसे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करते हैं। दिलीप ने कहा कि उन्होंने पिछले 11 साल छात्रों के लिए आंदोलन में दिए हैं और कई बार उन्हें आंदोलन छोड़कर दूसरे अवसर स्वीकार करने के ऑफर भी मिले, लेकिन उन्होंने छात्रों के लिए संघर्ष जारी रखा।
दिलीप की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
शनिवार रात प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता दिलीप कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गर्दनीबाग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दिलीप के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद धरनास्थल पर छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
18 अगस्त से चल रहा ‘न्याय सत्याग्रह’
TRE-4 समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों ने 18 अगस्त से गर्दनीबाग में ‘न्याय सत्याग्रह’ शुरू किया था। पांचवें दिन भी बड़ी संख्या में छात्र धरनास्थल पर मौजूद रहे।
छात्र TRE-4 में एकल परीक्षा कराने, निगेटिव मार्किंग हटाने, डोमिसाइल नीति लागू करने और विभिन्न लंबित भर्ती परीक्षाओं को जल्द कराने समेत कई मांगें उठा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री बोले- सभी मांगें पूरी करना संभव नहीं
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छात्रों की मांगों पर कहा है कि अभ्यर्थी जितनी मांगें कर रहे हैं, उन सभी को पूरा करना संभव नहीं है।
TRE-4 में दो परीक्षाएं कराने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय BPSC का है और इस मामले में शिक्षा विभाग की सीधी भूमिका नहीं है।
तेजस्वी यादव ने किया छात्रों की मांगों का समर्थन
आंदोलन को विपक्षी नेताओं और शिक्षकों का भी समर्थन मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को गर्दनीबाग पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की थी।
तेजस्वी यादव ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने रद्द की गई विभिन्न परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच, लंबित परीक्षाओं को जल्द कराने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
TRE-4 का विज्ञापन जारी, फिर भी आंदोलन जारी
बिहार सरकार की ओर से TRE-4 का विज्ञापन जारी किया जा चुका है। इसके तहत 32,388 शिक्षकों की भर्ती की जानी है। ऑनलाइन आवेदन 1 सितंबर से शुरू होंगे और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
छात्रों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों का समाधान नहीं हुआ है। उनकी सबसे बड़ी मांग TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था हटाकर एकल परीक्षा कराने की है।
बिहार स्टूडेंट यूनियन ने CM को लिखा पत्र
बिहार स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर TRE-4 में एकल परीक्षा कराने समेत कई मांगें रखी हैं।
यूनियन ने निगेटिव मार्किंग हटाने, BSSC परीक्षाओं से संविदा वेटेज हटाने, लंबित परीक्षाओं की तारीख घोषित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
छात्रों की मांग- नया प्रयोग TRE-5 से हो
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 में एक परीक्षा के आधार पर भर्ती हुई थी। इसलिए TRE-4 में PT और Mains की नई व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है।
छात्र नेताओं का कहना है कि यदि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। उनका तर्क है कि दो चरणों की परीक्षा से भर्ती प्रक्रिया में और देरी हो सकती है।




