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BJP की पूर्व विधायक अमृता मेघवाल का तलाक रद्द: 3 साल पुरानी एकतरफा डिक्री निरस्त, कोर्ट ने कहा- सही नोटिस नहीं मिला था

फैमिली कोर्ट ने दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए; पति बाबूलाल मेघवाल बोले- ‘सोने की मणि भी हो, अब मुझे नहीं चाहिए’

जालोर। जालोर की फैमिली कोर्ट ने पूर्व भाजपा विधायक अमृता मेघवाल और भाजपा एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल के तलाक से जुड़े मामले में करीब तीन साल पुरानी एकतरफा तलाक की डिक्री को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने माना कि अमृता मेघवाल को मामले में कानून के मुताबिक नोटिस की तामील नहीं हुई थी और उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं मिला।

पुराने पते पर भेजे गए थे नोटिस

बाबूलाल मेघवाल ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत 22 सितंबर 2022 को जालोर फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की थी। अमृता मेघवाल को जयपुर के पुराने पते पर नोटिस भेजे गए, लेकिन मकान लंबे समय से बंद होने के कारण नोटिस वापस आते रहे।

इसके बाद समाचार पत्र में नोटिस प्रकाशित कराया गया। अमृता की ओर से कोर्ट में बाद में बताया गया कि वह उस पते पर रहती ही नहीं थीं और उन्हें तलाक की कार्यवाही की जानकारी नहीं थी।

कोर्ट ने नोटिस प्रक्रिया में कमी मानी

अमृता मेघवाल ने जानकारी मिलने के बाद 13 जून 2023 को मामले की नकल के लिए आवेदन किया और 5 जुलाई 2023 को एकतरफा डिक्री रद्द करने की अर्जी दाखिल की।

रिकॉर्ड की जांच के बाद फैमिली कोर्ट ने माना कि जिस पते पर नोटिस भेजे गए थे, वहां मकान बंद मिला था। रजिस्टर्ड डाक भी ‘मकान बंद’ की टिप्पणी के साथ वापस आई थी। ऐसे में केवल समाचार पत्र में प्रकाशित नोटिस के आधार पर तामील को पर्याप्त नहीं माना जा सकता।

7 जून 2023 की तलाक डिक्री निरस्त

फैमिली कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अमर वर्मा (RJS) ने अमृता मेघवाल की अर्जी स्वीकार करते हुए 4 मई 2023 की एकतरफा कार्यवाही और 7 जून 2023 को पारित निर्णय एवं डिक्री को निरस्त कर दिया।

कोर्ट ने मामले को दोबारा दर्ज कर आगे सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। यानी अब दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

पति बोले- ‘अब मुझे यह मणि नहीं चाहिए’

आदेश के बाद बाबूलाल मेघवाल ने कहा कि यह अंतिम फैसला नहीं है और मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अमृता के पास है और उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत लाया जाएगा।

वहीं अमृता मेघवाल ने कहा कि उनके अनुसार गलत तरीके से तथ्य कोर्ट के सामने रखे गए थे, जिसके आधार पर फैसला हुआ था। अब कोर्ट ने उनकी बात सुनकर राहत दी है।

2008 में हुई थी शादी

अमृता मेघवाल और बाबूलाल मेघवाल की शादी 21 अप्रैल 2008 को हुई थी। दोनों के बीच जनवरी 2019 में विवाद हुआ और इसके बाद दोनों अलग रहने लगे। करीब तीन साल बाद बाबूलाल ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की थी।

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