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SMS अस्पताल में नशे की लत का इलाज अब मुफ्त: शराब, गुटखा, तंबाकू और सिगरेट समेत कई नशों से मिलेगी मुक्ति; 20-45 साल के मरीज ज्यादा

जयपुर के मनोचिकित्सा केंद्र में शुरू हुई 10 बेड की IPD सुविधा, मरीजों को दवाइयां और काउंसलिंग भी निशुल्क

जयपुर। नशे की लत से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। जयपुर के SMS अस्पताल में अब नशे की लत का इलाज पूरी तरह निशुल्क किया जाएगा। इसके लिए SMS मेडिकल कॉलेज के अधीन मनोचिकित्सा केंद्र में एडिक्शन ट्रीटमेंट की IPD सुविधा शुरू की गई है।

फिलहाल सेंटर में मरीजों के लिए 10 बेड की व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में बेड की संख्या बढ़ाने की योजना है। यह सुविधा नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (NDDTC) के अंतर्गत शुरू की गई है।

शराब से लेकर अफीम और गांजा तक का इलाज

इस सेंटर में अलग-अलग तरह के नशे की लत से जूझ रहे मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसमें शराब, अफीम, स्मैक, हेरोइन, डोडा-पोस्त, गांजा, तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट और नींद की गोलियों समेत अन्य नशीले पदार्थों की लत शामिल है।

मरीजों को नशा छोड़ने की शुरुआती दवाओं के साथ लंबे समय तक नशे से दूर रखने में मदद करने वाली दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इलाज में मरीज का एक भी पैसा खर्च नहीं होगा

एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मदीप सिंह के अनुसार, मरीजों को नशा छोड़ने के दौरान होने वाली तलब को कम करने वाली दवाएं भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

ओपिओइड नशे के मामलों में मेडिकेशन असिस्टेड ट्रीटमेंट की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अलावा मरीज की जरूरत के अनुसार अन्य दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस पूरी उपचार प्रक्रिया के दौरान मरीज से इलाज के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

20 से 45 साल के मरीज सबसे ज्यादा

मनोचिकित्सा केंद्र में नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इनमें सबसे ज्यादा मरीज 20 से 45 वर्ष की उम्र के हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि युवाओं में शराब, तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की लत के मामले सामने आ रहे हैं। समय पर उपचार और काउंसलिंग के जरिए मरीजों को नशे से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

दवाइयों के साथ मरीज और परिजनों की काउंसलिंग

नशामुक्ति उपचार में केवल दवाइयों पर ही निर्भर नहीं रहा जाएगा। मरीजों के साथ उनके परिजनों की भी काउंसलिंग की जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, नशा छोड़ने के बाद दोबारा लत लगने की संभावना को कम करने के लिए परिवार का सहयोग और नियमित काउंसलिंग महत्वपूर्ण है।

10 बेड से शुरू हुई सुविधा, आगे बढ़ेगी क्षमता

मनोचिकित्सा केंद्र में फिलहाल 10 बेड की IPD सुविधा शुरू की गई है। मरीजों की संख्या और जरूरत को देखते हुए भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

SMS अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहे लोगों को सरकारी स्तर पर उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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