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फिजिकल हेल्थ: कमर-जांघों की चर्बी सिर्फ मोटापा नहीं, लिपेडेमा भी हो सकता है! ⚠️

डाइट और एक्सरसाइज के बावजूद जांघों-कूल्हों की चर्बी कम नहीं हो रही? लिपेडेमा के इन संकेतों को पहचानें।

कई महिलाओं में कमर, कूल्हों, जांघों और पैरों पर असामान्य रूप से फैट जमा होता है, जो डाइटिंग और नियमित एक्सरसाइज के बावजूद कम नहीं होता। ऐसे मामलों में इसे सिर्फ मोटापा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह लिपेडेमा (Lipedema) जैसी मेडिकल कंडीशन का संकेत हो सकता है। लिपेडेमा एक क्रॉनिक डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर के कुछ हिस्सों में असामान्य फैट जमा होने के साथ दर्द, भारीपन और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसकी सटीक वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन फैमिली हिस्ट्री और हार्मोनल बदलाव भूमिका निभा सकते हैं। सामान्य मोटापे के विपरीत लिपेडेमा में फैट का वितरण खास पैटर्न में हो सकता है और प्रभावित हिस्सों में दर्द या आसानी से नीले निशान पड़ने जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं। अगर जांघों, कूल्हों या पैरों में लगातार फैट बढ़ रहा है, एक्सरसाइज के बावजूद कमी नहीं हो रही, दर्द-सूजन या भारीपन महसूस होता है अथवा चलने-फिरने में परेशानी हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इसका कोई स्थायी इलाज नहीं बताया गया है, लेकिन लक्षणों को मैनेज करने के लिए नियमित वॉकिंग, साइकिलिंग या स्विमिंग, संतुलित डाइट, कंप्रेशन स्टॉकिंग्स, लिम्फैटिक ड्रेनेज जैसी थेरेपी और जरूरत के अनुसार अन्य उपचार अपनाए जा सकते हैं। गंभीर मामलों में डॉक्टर लिपोसक्शन जैसे विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं। शरीर में लगातार हो रहे असामान्य बदलाव को केवल मोटापा समझकर नजरअंदाज न करें—सही पहचान और विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।

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